Bhopal News: 3 की जगह 18 प्रतिशत टैरिफ पर जश्न मना रही केंद्र सरकार - News Summed Up

Bhopal News: 3 की जगह 18 प्रतिशत टैरिफ पर जश्न मना रही केंद्र सरकार


डिजिटल डेस्क,भोपाल। कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को भोपाल प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान भारत–अमेरिका ट्रेड डील पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील देशहित, किसानों, युवाओं, ऊर्जा सुरक्षा और डेटा संप्रभुता के खिलाफ है।अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाज़ार खोलकर किसानों को तबाही की ओर क्यों धकेला जा रहा है। यह देश पर थोपा गया समझौता बताया। श्रीनेत ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस ट्रेड डील को लेकर इतनी असामान्य और संदिग्ध जल्दबाजी क्यों थी? 20 फरवरी 2026 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रेसिप्रोकल टैरिफ नीति पर रोक लगा दी थी।इसके बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गई थीं। भारत के लिए बेहतर सौदेबाजी की संभावना खुल सकती थीं। इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतज़ार किए बिना, महज़ 30 मिनट की फोन कॉल के आधार पर एक ऐसे व्यापार समझौते पर सहमति दे दी गई।उन्होंने कहा अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत पर अधिकतम 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लागू होता, लेकिन फरवरी की शुरुआत में घोषित भारत–अमेरिका व्यापार समझौते में भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैरिफ स्वीकार कर लिया गया। सरकार इसे उपलब्धि बताकर जश्न मना रही थी। यह जश्न नहीं, बल्कि देश को गुमराह करने की कोशिश थी।श्रीनेत ने कहा कि इस ट्रेड डील के तहत भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर लगभग शून्य टैरिफ लागू करने का वादा किया। पांच वर्षों में अमेरिका से लगभग 500 अरब डॉलर के सामान का आयात स्वीकार किया और रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदना बंद करने जैसी शर्तों पर सहमति जताई।उन्होंने सवाल किया कि जब देश के किसान पहले से ही संकट में हैं, तो अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाज़ार खोलकर किसानों को तबाही की ओर क्यों धकेला जा रहा है? अमेरिका में औसत कृषि जोत लगभग 170 हेक्टेयर है, जबकि भारत में औसत जोत 1 से 1.5 हेक्टेयर के बीच है।अमेरिकी किसानों को व्यापक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सब्सिडी प्राप्त होती है, जबकि भारतीय किसान पहले से लागत वृद्धि, मौसमीय अस्थिरता और बाजार संकट का सामना कर रहे हैं। यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा और डेटा सुरक्षा पर भी सीधा हमला है। युवा कांग्रेस के आंदोलन और विरोध का समर्थन करते हुए सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि देश के युवा निडर हैं और देश की अंतरात्मा की आवाज़ हैं।


Source: Dainik Bhaskar February 23, 2026 10:52 UTC



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