मैट्रिक में 81.79% छात्र पास, दो छात्राएं बनीं स्टेट टॉपर:बिहार बोर्ड ने रविवार को मैट्रिक यानी 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। जमुई की सिमुलतला आवासीय विद्यालय की छात्रा पुष्पांजलि कुमारी और वैशाली की उच्च माध्यमिक विद्यालय चौड़ाही की छात्रा सबरीन परवीन ने टॉप किया है। 98.4% मार्क्स के साथ दोनों छात्रा फर्. बेगूसराय की नाहिद सुल्ताना ने 489 नंबर लाकर स्टेट में सेकेंड टॉप किया है। जबकि थर्ड टॉपर में दो स्टूडेंट्स हैं। बक्सर की अनूपा कुमारी और बेगूसराय के ओमकार कुमार। इन दोनों को 488 नंबर मिले हैं।इस साल करीब 15 लाख से ज्यादा छात्रों ने मैट्रिक परीक्षा में हिस्सा लिया था, जिनमें से 12 लाख 35 हजार 743 छात्र सफल हुए हैं। यानी 81.79% छात्र पास हुए हैं। जबकि पिछले साल 2025 में यह रिजल्ट 82.11% था। इस बार का रिजल्ट करीब 1% घट गया है।टॉप-10 में कुल 139 छात्र शामिल हैं। इनमें टॉप-3 में कुल 5 छात्र हैं, जिनमें 3 लड़कियां शामिल हैं। वहीं टॉप-5 में 13 छात्र हैं, जिनमें 7 लड़के शामिल हैं। जबकि रैंक 6 से 10 के बीच 126 छात्र हैं।लड़कियों ने फिर मारी बाजीछात्राओं का रिजल्ट प्रतिशत छात्रों से बेहतर है। 6 लाख 01 हजार 390 छात्र (48.66%) सफल रहे। वहीं 6,34,353 छात्राओं ने सफलता पाई है, जिनका प्रतिशत 51.33 है। लड़कियां का पासिंग परसेंटेज लड़कों से करीब 3% ज्यादा है।बीते 3 सालों में बिहार बोर्ड मैट्रिक में ये स्टेट टॉपर का सबसे हाइएस्ट मार्क्स है। पिछले 3 सालों में टॉपर को 489 मार्क्स आए थे, जबकि इस बार 492 अंक मिला है।ये 8वीं बार है, जब बिहार बोर्ड ने देश में सबसे पहले रिजल्ट जारी किया है। मैट्रिक की एग्जाम 17 फरवरी से 26 फरवरी के बीच 1762 परीक्षा सेंटर्स पर हुई थी।सबसे ज्यादा औरंगाबाद के स्टूडेंट्स टॉपरटॉपर्स में सबसे ज्यादा 14 स्टूडेंट्स औरंगाबाद के हैं। इसके बाद बेगूसराय में सबसे ज्यादा 13 छात्रों ने टॉप किया है। वहीं बांका, नवादा और गया में 6 छात्र टॉपर रहे।नीचे टॉपर्स स्डूटेंड की कहानी…साइंटिस्ट बनना चाहती हैं पुष्पांजलिस्टेट टॉपर बनी दोनों छात्राएं मिडिल क्लास फैमिली से आती हैं। पुष्पाजंलि कुमारी के पिता सरकारी स्कूल के टीचर हैं। भास्कर से बातचीत में पुष्पांजलि ने कहा कि उन्हें विज्ञान और गणित में विशेष रुचि। इसलिए वह बड़ा होकर साइंटिस्ट बनना चाहती है।पुष्पांजलि ने कहा, “मैं शुरू से ही टॉपर बनना चाहती थी। इसके लिए मैंने दिन-रात मेहनत की और सेल्फ स्टडी पर खास ध्यान दिया। आज मेरा सपना पूरा हो गया है। मैं अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार और शिक्षकों को देना चाहती हूं, जिन्होंने हर कदम पर मेरा साथ दिया।”उन्होंने बताया कि उनकी शुरुआती पढ़ाई कक्षा 2 से 5 तक उनके पिता के स्कूल, मध्य विद्यालय भगवानपुर (बांका) में हुई। इसके बाद उन्होंने सिमुलतला आवासीय विद्यालय से आगे की पढ़ाई की, जहां उन्हें बेहतर मार्गदर्शन मिला।परीक्षा के दौरान वह रोजाना 10 से 12 घंटे तक सेल्फ स्टडी करती थीं। जैसे-जैसे परीक्षा नजदीक आती गई, उन्होंने अपनी पढ़ाई का समय और बढ़ा दिया और सभी विषयों पर बराबर ध्यान दिया।पुष्पाजंलि कुमारी पढ़ाई के साथ-साथ पेंटिंग भी करती हैं। भास्कर से बातचीत में उन्होंने अपने स्केच भी दिखाए।टायर की दुकान चलाते हैं सबरीन के पितावैशाली की रहने वाली सबरीन परवीन के पिता मो. सज्जाद आलम पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट में टायर की दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी मां अंगूरी खातून गृहिणी हैं। सबरीन तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं और उनके दो छोटे भाई हैं।सबरिन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। उन्होंने कहा, “कड़ी मेहनत, अनुशासन और नियमित पढ़ाई की बदौलत ही मुझे आज यह सफलता मिली है।”किसान की बेटी अनूपा बनीं बिहार टॉप-3बक्सर की बेटी अनूपा कुमारी ने बिहार में तीसरा स्थान हासिल किया है। उच्च विद्यालय खरहाना की छात्रा अनूपा की इस सफलता से जिलेभर में गर्व और खुशी का माहौल है। अनूपा कुमारी राजपुर प्रखंड के ककरिया गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता नित्यानंद यादव पेशे से किसान हैं, जबकि उनकी मां हाउस वाइफ हैं।सीमित संसाधनों के बावजूद अनूपा ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा कभी सुविधाओं की मोहताज नहीं होती।अनूपा के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और हर कोई उनकी इस सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है।एंबुलेंस कर्मचारी के बेटे ने हासिल की चौथी रैंकपूर्णिया के रुपौली के रहने वाले अंश राज ने पूरे बिहार में चौथा स्थान हासिल किया है। उत्क्रमित एमएस बैरिया गोरिया उच्च विद्यालय के छात्र अंश ने 500 में से 487 अंक प्राप्त किए हैं। यानी उन्हें 97.4% मार्क्स मिले हैं।अंश राज के पिता मुकेश कुमार एंबुलेंस कर्मी हैं। वे डायल 102 सेवा में EMT (इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन) के पद पर कार्यरत हैं और रुपौली के मोहनपुर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।चौथी टॉपर की मां बोली बेटी डॉक्टर बनेगीसमस्तीपुर की ज्योति कुमारी ने बताया, “मैं एक सामान्य छात्रा की तरह रोज करीब 7 घंटे पढ़ाई करती थी। मेरा पूरा फोकस रिवीजन पर रहता था। मुझे पूरा विश्वास था कि मैं टॉप-10 में जगह बनाऊंगी।”ज्योति की मां रिंकू ने कहा, “बेटी खुद ही सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करती थी। मैंने उसे कभी डांटा नहीं, सिर्फ पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। आज मुझे बहुत खुशी है। मैं चाहती हूं कि मेरी बेटी डॉक्टर बने।”किसान के बेटे ने हासिल किया आठवां स्थानबांका जिले के उत्क्रमित मध्य विद्यालय परघड़ी के छात्र आनंद कुमार ने बिहार टॉप-10 में आठवां स्थान हासिल किया है। आनंद को कुल 483 अंक मिले हैं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, शिक्षकों और गांव में खुशी का माहौल है।किसान के बेटे की इस सफलता पर माता-पिता ने मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। आनंद कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और मां शारदे कोचिंग सेंटर के शिक्षकों को दिया है।उन्होंने बताया कि कोचिंग क
Source: Dainik Bhaskar March 29, 2026 12:03 UTC