Bikaner Railway Track Shifting Feasibility Checked - News Summed Up

Bikaner Railway Track Shifting Feasibility Checked


फोटो सोर्स - AI जनरेटेडबीकानेर शहर को दो हिस्सों में बांटने वाली और दशकों से जाम का कारण बनी रेलवे लाइन को शहर से बाहर शिफ्ट करने की दिशा में एक नई उम्मीद जगी है। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ में रेलवे विभाग ने पहली बार आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि वे शहर के. जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने गुरुवार को रामकृष्ण दास गुप्ता बनाम राजस्थान राज्य की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए रेलवे के इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया है।फिजिबिलिटी मिली तो हट जाएगा ट्रैक सुनवाई के दौरान रेलवे की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि वे रेलवे के सक्षम अधिकारियों के साथ मिलकर बीकानेर शहर से रेलवे ट्रैक को पूरी तरह हटाने/शिफ्ट करने की संभावना पर विचार-विमर्श करेंगे।वकील ने कोर्ट में कहा- 'यदि ट्रैक को शिफ्ट करना व्यावहारिक (फिजिबल) पाया गया, तो रेलवे की ओर से बीकानेर शहर से रेलवे ट्रैक को हटाने के लिए उचित कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।'रेलवे के वकील ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर विभाग के साथ होने वाली चर्चा और उसके परिणामों को कोर्ट के सामने रखने के लिए समय मांगा। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए मामले की मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी तय की है।कोटगेट-सांखला फाटक: दशकों का दर्द बीकानेर शहर के बीच से गुजरने वाला यह ट्रैक पिछले 40 सालों से एक गंभीर समस्या बना हुआ है। यह ट्रैक शहर के मुख्य बाजारों, विशेषकर कोटगेट और शीतला गेट (सांखला फाटक) के बीच से गुजरता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यहां से रोजाना 30 से 35 ट्रेनें गुजरती हैं, जिससे हर आधे-एक घंटे में फाटक बंद होते हैं और पूरा शहर जाम हो जाता है।एलिवेटेड रोड बनाम ट्रैक शिफ्टिंग अब तक इस समस्या के समाधान के लिए एलिवेटेड रोड या अंडरपास बनाने की बात होती रही है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनावों में भी यह एक बड़ा मुद्दा था, जहां तत्कालीन नेताओं ने एलिवेटेड रोड का वादा किया था। लेकिन स्थानीय व्यापारी और निवासी इसे शहर के विकास में बाधा मानते हुए ट्रैक को ही बाहर शिफ्ट करने की मांग कर रहे थे।व्यापारियों व स्थानीय लोगों का कहना है कि मेडिकल इमरजेंसी में फाटक बंद होना जानलेवा साबित होता है। अब हाई कोर्ट में रेलवे के ताजा रुख से शहरवासियों को उम्मीद जगी है कि पुल या अंडरपास के बजाय, जो कि अस्थायी समाधान थे, अब ट्रैक शिफ्टिंग जैसा स्थायी समाधान मिल सकेगा।अन्य प्रोजेक्ट्स पर भी नजर इस मामले की सुनवाई अब दो अन्य पुरानी याचिकाओं के साथ 19 फरवरी को होगी। गौरतलब है कि रेलवे द्वारा बीकानेर में बाईपास के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे और मेड़ता रोड-बीकानेर लाइन के दोहरीकरण जैसी योजनाएं भी पाइपलाइन में हैं, जो ट्रैक शिफ्टिंग की दिशा में सहायक हो सकती हैं।


Source: Dainik Bhaskar January 23, 2026 18:57 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */