Bilaspur News: बीमारी को रोकना है तो अब जरुरी है सिकलसेल कुंडली मिलान फिर विवाहBilaspur News: बिलासपुर। सिकलसेल के संचार को रोकने के लिए विवाह पूर्व जांच व इसके आधार पर विवाह तय करने को लेकर जागरूक करना जरुरी हो गया है, क्योंकि यह ही एकमात्र रास्ता है, जिससे अनुवांशिक सिकलसेल बीमारी पर ब्रेक लगाया जा सकता है। बीते कुछ सालों में इस समस्या को झेल रहे परिवारों ने इसकी शुरुआत कर दी है। हालांकि अभी इसमें और जागरूकता की जरूरत है। क्योंकि जिले में लगातार इसके मरीज बढ़ते जा रहे है। वैसे भी छत्तीसगढ़, उड़ीसा सिकलसेल बीमारी के मुख्य बेल्ट है, यहां बहुतायात में इनके मरीज मिलते है। इसलिए अब विवाह के समय कुंडली मिलान करने के साथ ही वर-वधू का सिकलसेल मिलान भी करना जरुरी है। क्योंकि यदि दोनों ही सिकलसेल वाहक रहे तो उनके आने वाले संतान का सिकलसेल होना तय हो जाता है। मिलान से कम से कम शादी नहीं होगी तो आने वाले बच्चें इस रोग से ग्रसित नहीं होंगे।यह है खतरे की घंटीसिकलसेल से लोगों को बचाने के लिए सिम्स के पूर्व डीन डा पीके पात्रा के निर्देशन में प्रदेश के 17 लाख लोगों का सिकलसेल जांच किया गया है। जिसकी जांच रिपोर्ट चौकाने वाले है। इनमे से एक लाख सात हजार लोग सिकलसेल कैरियर निकले है। इसका मतलब यह है कि यदि ये लोग इस बीमारी को लेकर जागरूक नहीं हुए और भविष्य में इन्हीं सिकलसेल वाहकों की विवाह हो गया तो यह तय हो जाएगा कि इनके होने वाले संतान जन्मजात सिकलसेल पीडित होंगे। ऐसे में यह बीमारी और भी बढते जाएगी। इसलिए होने वाले बच्चों को इस घातक बीमारी से बचाने के लिए शादी से पहले लडका व लडकी का सिकलसेल जांच कराना बहुत जरुरी हो गया है। यदि जांच में दोनो वाहक निकली तो इनकी शादी नहीं हो सकेगी। ऐसा करने से ही इस बीमारी को रोका जा सकेगा।यह है सिकलसेल और बीमारी के लक्षणसिकलिंग खून से जुड़ी बीमारी है जो शरीर की लाल रक्त कोशिकाएं को प्रभावित करती है और यह आमतौर पर माता-पिता से बच्चों में वंशानुगत मिलती है। यह बीमारी बच्चे के जन्म के 5 या 6 महीने के बाद से ही दिखनी शुरू हो जाती है। इस बीमारी की जल्द से जल्द पहचान हो जाए और उचित चिकित्सीय देखभाल मिले तो इसको सही तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। शरीर में तेज दर्द एवं ऐंठन, बैक्टीरियल संक्रमण होना, हाथों और पैरों में सूजन, एनीमिया, दृष्टि संबंधी समस्याएं, हड्डियों में कमजोरी आदि लक्षण दिखने पर फौरन सिकलिंग की जांच कराकर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।Posted By: Yogeshwar Sharma
Source: Dainik Jagran June 18, 2023 11:45 UTC