सबसे पहले बात इसके फायदों की करेले में बहुत से औषधीय गुण होते हैं। इसमें विटामिन और खनिज पदार्थ भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसे खाने के पाचन ठीक रहता है और पेट के सभी रोग दूर होते हैं। इसका जूस पीने से लीवर मजबूत होता है और पीलिया जैसी बीमारियों में भी इसका लाभ मिलता है। वहीं करेला इम्युनिटी पावर भी बढ़ाने का काम करता है। करेला बहुत ही कड़वा होता है, जिससे खून साफ होता है। किडनी और दिल से जुड़ी बीमारियों में भी करेले के सेवन से काफी फायदा होता है। इसके इतने सारे फायदों की वजह से ही इसकी खूब मांग होती है और इसी वजह से करेला अच्छे दाम पर बिकता है।हर साल 10 लाख रुपये तक कमाई करेले की खेती आमतौर पर मचान बनाकर की जाती है। मचान का मतलब है तारों या लकड़ियों की मदद से कुछ खंभों के ऊपर एक छत जैसी संरचना बना देना। एक एकड़ में करेले की खेती करने में बीज, उर्वरक, मचान बनाने आदि में करीब 40 हजार रुपये का खर्च आ जाता है यानी एक हेक्टेयर की खेती में आपको 1 लाख रुपये के करीब खर्च करने होंगे। वहीं एक एकड़ से करीब 1.5 लाख रुपये तक का मुनाफा होता है यानी एक हेक्टेयर से आप करीब 4-5 लाख रुपये कमा सकते हैं। साल में दो बार खेती का मतलब हुआ कि आप 8-10 लाख रुपये कमा सकेंगे। करेले 20-30 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बाजार में बिक जाते हैं। सप्लाई कम होती है तो दाम अधिक मिल जाता है, सप्लाई बढ़ने पर दाम गिर जाते हैं।कैसे होती है करेले की खेती? करेले की खेती 20-40 डिग्री के बीच के तापमान में होती है। इसकी खेती से पहले खेत को अच्छे से जोत लेना चाहिए और गोबर की खाद भी डालनी चाहिए। इसकी बुआई करीब 1-1 मीटर की दूर पर की जाती है। खेत में बुआई के बाद मचान बना दिया जाता है। इसकी गर्मी की फसल की बुआई जनवरी से मार्च के बीच की जाती है, वहीं बारिश की फसल की बुआई जून से जुलाई के बीच कर ली जाती है। यानी साल में कम से कम 2 बार करेले की खेती की जाती है। जैसे ही करेले के पौधे कुछ बड़े हो जाते हैं, उन्हें मचान पर चढ़ा दिया जाता है।
Source: Navbharat Times July 26, 2021 10:29 UTC