Business News: lead rbi two final - लीड आरबीआई दो अंतिम - News Summed Up

Business News: lead rbi two final - लीड आरबीआई दो अंतिम


राजकोषीय अनुशासन लक्ष्यों से पीछे रहने को कुछ विश्लेषक मुद्रास्फीति बढ़ाने वाला मान रहे हैं और इसी लिए एक अनुमान यह भी था कि रिजर्व बैंक नीतिगत दर में अभी शायद ही कटौती करे। पर रिजर्व बैंक के गवर्नर दास ने बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुद्रास्फीति की मुख्य दर रिजर्व बैंक के सामाने रखे गए 4 प्रतिशत के लक्ष्य से कम है और इसके सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही रेपो में कटौती का यह निर्णय किया गया है। स्वास्थ्य और शिक्षा के हाल में असाधारण रूप से महंगा होने के बारे में समिति का कहना है कि यह एकबारगी की बात हो सकती है। समिति की राय में कच्चे तेल के बाजार का परिदृश्य दिसंबर जैसा ही बना हुआ है। रिजर्व बैंक ने इससे पहले गत वर्ष जल्दी जल्दी दो बार - जून और अगस्त में रेपो दर में वृद्धि कर दी थी और नीतिगत रुख को ‘तटस्थ’ से बदल का ‘नाप-तोल कर कठोरता’ बरतने का कर दिया था। रिजर्व बैंक को उस समय मुद्रा स्फीति के बढ़ने का जोखिम लग रहा था। शक्तिकांत दास को गत वर्ष डा उर्जित पटेल के समय से पहले इस्तीफा देने के बाद 12 दिसंबर 2018 को गवर्नर नियुक्त किया गया। डा पटेल से नीतिगत विषयों पर सरकार व केंद्रीय बैंक के बीच खुले तौर विवादों के बीच इस्तीफा दे दिया था। आरबाईआई की ताजा घोषणाओं से पहले किए गए सर्वेक्षणों में अधिकतर विशेषज्ञों की राय थी कि नीतिगत ब्याज दर में कमी हो सकती है या रिवर्ज बैंक अपने नितिगत रुख को नरम कर सकता है। सरकार को उम्मीद है कि रिजर्व बैंक उसे इस वित्त वर्ष में 28,000 करोड़ रुपये का अंतरिम लाभांश दे सकता है। आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल की इसी माह बैठक हो सकती है। इसमें अंतरिम लाभांश का मुद्दा रखा जा सकता है। रिजर्व बैंक ने वित्तीय बाजार की आवश्यकताओं को देखते हुए बुधवार को कुछ नियमों में संशोधन भी किए है। केंद्रीय बैंक ने दिवाला प्रक्रिया के तहत रखी गयी कंपनियों को स्थानीय बैंकों/वित्तीय संस्थाओं का बकाया चुकाने के लिए विदेश से रिण जुटाने की छूट देने का प्रस्ताव किया है। इसी तरह एक अन्य निर्णय में थोक जमा की परिभाषा में बदलाव किया गया है। इससे अब एक बार में 2 करोड़ रुपये से अधिक की जमा को थोक जमा माना जाएगा। अभी यह राशि एक करोड़ रुपये थी। नकदी संकट से गुजर रहे गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी क्षेत्र को राहत देते हुए उनको दिए जाने वाले बैंक रिणों पर भारित जोखिम के प्रावधानों को उनकी वित्तीय साख के साथ जोड़ दिया है। अभी तक इसे सब प्रकार की इकाइयों के लिए 100 प्रतिशत रखा गया था।


Source: Navbharat Times February 07, 2019 09:22 UTC



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