Hindi NewsNationalDainik Bhaskar Journalists Win Prestigious Goenka Award 2026दैनिक भास्कर के 2 जर्नलिस्ट को रामनाथ गोयनका अवॉर्ड’: बांग्लादेशी अंग तस्करों के रैकेट, शिशु तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया थानई दिल्ली 4 घंटे पहलेकॉपी लिंकदैनिक भास्कर के दो जर्नलिस्ट अवधेश आकोदिया और विजयपाल डूडी को पत्रकारिता के क्षेत्र में देश के प्रतिष्ठित ‘रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवॉर्ड्स-2026’ से सम्मानित किया गया। दिल्ली में आयोजित समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने यह सम्मान दिया। दोनों दैनिक भास्कर राजस्थान के रिपोर्टर हैं।दैनिक भास्कर के साथियों को मिला सम्मान न केवल निर्भीक जमीनी पत्रकारिता की जीत है, बल्कि यह जनहित और सामाजिक सरोकारों के प्रति संस्थान की अटूट संपादकीय प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।अवधेश को ‘हिंदी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ रिपोर्टिंग’ का पुरस्कारअवधेश आकोदिया को सम्मानित करते उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन।अवधेश को ‘हिंदी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ रिपोर्टिंग’ का पुरस्कार मिला है। अवधेश ने बांग्लादेश से भारत में हो रही किडनी तस्करी के बड़े रैकेट का खुलासा किया। उनकी रिपोर्ट ने अंग प्रत्यारोपण कानून की खामियों को उजागर किया। इसमें दिखाया गया कि दलाल गरीब डोनर और अमीर मरीजों को भारत लाकर अवैध ऑपरेशन करवाते थे।गुरुग्राम के एक गेस्ट हाउस से तीन बांग्लादेशी नागरिकों की साधारण सी गिरफ्तारी भास्कर की फॉलो-अप जांच में बदल गई। इसने भारत में ट्रांसप्लांट कानून के कमजोर क्रियान्वयन का फायदा उठाने वाले बांग्लादेशी अंग तस्करों के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया। बांग्लादेश के डोनर को फर्जी कागजात के आधार पर भारत लाया जाता था और पैसे का लालच देकर किडनी डोनेट करवाई जाती थी।विजय पाल को ‘अनकवरिंग इंडिया इनविजिबल’ श्रेणी में पुरस्कारविजयपाल डूडी को सम्मानित करते उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन।विजयपाल को ‘अनकवरिंग इंडिया इनविजिबल’ श्रेणी में सम्मान मिला है। विजयपाल ने उदयपुर क्षेत्र में गरीब आदिवासी परिवारों के बच्चों की खरीद-फरोख्त के गिरोह का खुलासा किया था। यह गिरोह आदिवासी परिवारों से बच्चों को लेकर देशभर के निःसंतान दंपतियों को बेच रहा था।गिरोह गरीब माता-पिता को एक बच्चे के बदले 20 हजार रुपए तक देता था। इसके बाद दत्तक लेने वाले दंपतियों से आठ लाख रुपए तक वसूलता था। भास्कर की इस खबर के बाद राजस्थान विधानसभा में भारी हंगामा हुआ। न्यायिक दखल और पुलिस कार्रवाई से इस रैकेट को ध्वस्त किया गया।यह पुरस्कार इंडियन एक्सप्रेस समूह के संस्थापक स्वर्गीय रामनाथ गोयनका की स्मृति में हर साल उन पत्रकारों को दिया जाता है, जिन्होंने अपनी खबरों से समाज में गहरा प्रभाव डाला हो।.
Source: Dainik Bhaskar March 27, 2026 13:05 UTC