ज्वार की खेती कम वर्षा वाले राज्यों में अनाज के साथ-साथ चारा के तौर पर भी की जाती है. भारत की कुल खेती योग्य भूमि में इसकी पैदावार लगभग सवा चार करोड़ एकड़ में की जाती है. ऐसे में आज हम आपको ज्वार की खेती के दौरान होने वाले रोग और उससे बचने के तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं. यह संक्रमण पौधे के फूलों के रंग को बदल देता है और ज्वार का वजन हल्का हो जाता है और इसमें पोषण की गुणवत्ता में कमी और अंकुरण शक्ति खराब हो जाती है. इसके अलावा पौधो पर मेटालेक्सिल का छिड़काव करने के साथ ज्वार के बीज की ड्रेसिंग भी करना चाहिए.
Source: Dainik Jagran July 28, 2023 20:30 UTC