डिजिटल डेस्क। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने 8 करोड़ से अधिक सदस्यों के लिए 'डिजिटल क्रांति' लाने की तैयारी कर चुका है। अगले वित्तीय वर्ष यानी अप्रैल 2026 तक, पीएफ खाताधारक अपनी पात्र राशि को सीधे अपने बैंक खाते में UPI (Unified Payments Interface) के जरिए ट्रांसफर कर सकेंगे। इस कदम से निकासी की जटिल प्रक्रिया पूरी तरह खत्म हो जाएगी और सदस्यों को पैसों के लिए हफ्तों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।कैसे काम करेगी नई व्यवस्था? नई प्रणाली के तहत, पीएफ निकासी का अनुभव किसी सामान्य बैंकिंग ऐप जैसा हो जाएगा। UPI पिन से सुरक्षा: मेंबर्स अपने UPI पिन का उपयोग करके सुरक्षित तरीके से लेनदेन पूरा कर सकेंगे।मेंबर्स अपने UPI पिन का उपयोग करके सुरक्षित तरीके से लेनदेन पूरा कर सकेंगे। न्यूनतम बैलेंस अनिवार्य: भविष्य की सुरक्षा के लिए खाते में 25 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। इससे सदस्यों को वर्तमान 8.25% की आकर्षक ब्याज दर और चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding Interest) का लाभ मिलता रहेगा।भविष्य की सुरक्षा के लिए खाते में 25 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। इससे सदस्यों को वर्तमान 8.25% की आकर्षक ब्याज दर और चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding Interest) का लाभ मिलता रहेगा। इंस्टेंट एक्सेस: शेष 75 प्रतिशत तक की पात्र राशि तुरंत बैंक खाते में क्रेडिट हो जाएगी, जिसे डिजिटल पेमेंट या एटीएम से निकासी के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। खत्म होगा क्लेम फाइल करने का झंझट वर्तमान में, पीएफ निकालने के लिए सदस्यों को ऑनलाइन क्लेम फाइल करना पड़ता है, जिसे प्रोसेस होने में कई दिन लग जाते हैं। यहाँ तक कि 'ऑटो-सेटलमेंट' मोड में भी कम से कम तीन दिन का समय लगता है। ईपीएफओ वर्तमान में अपने सॉफ्टवेयर की तकनीकी खामियों को दूर कर रहा है ताकि UPI ट्रांजैक्शन बिना किसी रुकावट के रियल-टाइम में पूरे हो सकें।
Source: Dainik Jagran January 18, 2026 13:30 UTC