Gadchiroli News राज्य के एकमात्र गड़चिरोली के सिरोंचा वनविभाग अंतर्गत कमलापुर गांव में सरकारी हाथी कैम्प मौजूद होकर यहां करीब 9 हाथियों की देखभाल वनविभाग द्वारा की जा रही है। कमलापुर में प्रकृति की अनोखी छटा के साथ विशाल तालाब और हाथी मौजूद होने के कारण यह स्थल पर्यटकों काे आकर्षित करने लगा है। खासकर शीतकाल के दौरान यहां पर्यटक खींचे चले आते हंै। शुक्रवार, 30 जनवरी से आगामी 13 दिनों तक अब कमलापुर का हाथी कैम्प बंद रखने के आदेश वनविभाग द्वारा जारी किए गए हंै। इस तेरह दिन की कालावधि में कैम्प में मौजूद सभी हाथियों के पैरों पर चोपिंग की प्रक्रिया की जाएगी। इस प्रक्रिया के लिए सभी हाथियों को 13 दिनों की मेडिकल लीव दी गयी है।शीतकाल के दौरान हाथियों के पैर फटने की संभावना को देखते हुए हाथियों के पैर पर विभिन्न आयुर्वेदिक औषधियों का लेप लगाकर चोपिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शुक्रवार 30 जनवरी से 12 फरवरी की कालावधि में हर दिन सुबह के दौरान कैम्प के महावत और चारा कटर की मदद से हाथियों के पैर को जड़ीबुटी के लेप से सेंका जाएगा। बता दें कि, कमलापुर का हाथी कैम्प ब्रिटिशकाल से शुरू है। लेकिन अंगरेजी शासनकाल के दौरान इन हाथियों की मदद से जंगल के सागौन लट्ठे ढोने का कार्य किया जाता था। जैसे ही भारत स्वतंत्र हुआ, यह हाथी कैम्प वनविभाग की ओर हस्तांतरित किया गया। तभी से इस कैम्प के हाथियों की देखभाल वनविभाग के जरिए की जा रही है। सिरोंचा वनविभाग के तहत आने वाले कमलापुर के हाथी कैम्प में वर्तमान में 9 हाथी होकर इनमें अजीत, मंगला, बसंती, रूपा, रानी, प्रियंका, गणेश और लक्ष्मी नामक हाथी का समावेश है।हर वर्ष शीतकाल के दौरान हाथियों के पैर फटने, पैर में सूजन आने की समस्या बनी रहती है जिसके कारण कई बार हाथी बीमार भी पड़ने लगते हैं। इस समस्या से हाथियों को निजात दिलाने के लिए ही लगातार 13 दिनों तक हाथियों के पैर में चोपिंग की प्रक्रिया की जाती है। हिरड़ा, बेहेड़ा, सौंठ, त्रिफला, जायफल, आसमंतारा समेत अन्य प्रकार के आयुर्वेदिक वनौषधियों का लेप तैयार किया जाता है जिसके बाद कैम्प के महावत और चारा कटर की मदद से इस लेप का सेंक हाथियों के पैर पर किया जाता है। उल्लेखनीय यह है कि, हाथियों की चोपिंग की प्रक्रिया हर वर्ष की जाती है। इस वर्ष शुक्रवार, 30 जनवरी से यह उपचार पद्धति आरंभ होगी। 13 दिनों तक सभी प्रकार की वैद्यकीय जांच करने के बाद 12 फरवरी से पर्यटकों के लिए यह कैम्प एक बार फिर शुरू किया जाएगा।
Source: Dainik Bhaskar January 30, 2026 17:08 UTC