Gondia News जिले में सैकड़ों की संख्या में लाल ईंट भट्टे चलाए जा रहे हैं। नियमानुसार ऐसे व्यवसाय करने वालांे को अलग से व्यवसायिक विद्युत कनेक्शन लेना आवश्यक होता है। लेकिन अधिकांश ईंट भट्टे बगैर विद्युत कनेक्शन से चलाए जा रहे हैं। जिस वजह से महावितरण के लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंच रहा है।बता दें की गोंदिया जिले में धान कटाई के बाद ईंटों का व्यवसाय किया जाता है। इस व्यवसाय से ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ांे परिवारांे को रोजगार के अवसर उपलब्ध होते हैं। वहीं निर्माण कार्य करने वाले मकान मालिकों को ईंटें उपलब्ध होती है। हालांकि लाल ईंट के व्यवसाय पर प्रतिबंध है। लेकिन कुंभार समाज के व्यवसायियांे को इस व्यवसाय को करने के लिए नियम एवं शर्तो मंे छूट दी गई है।विद्युत पर आधारित कोई भी व्यवसाय चलाना हो तो नियमानुसार संचालकों को व्यवसायिक विद्युत मीटर लेना जरूरी होता है। लेकिन गोंदिया जिले में चल रहे अधिकांश ईंट भट्टाें के संचालक वाणिज्य विद्युत कनेक्शन न लेते हुए कृषि कनेक्शनांे पर ही विद्युत आपूर्ति का उपयोग कर रहे है। जिस वजह से महावितरण के राजस्व विभाग को लाखांे रूपए का नुकसान पहुंच रहा है लेकिन इस ओर महावितरण विभाग द्वारा अनदेखी की जा रही है।अभी तक किसी ने नहीं लिया कनेक्शन : अभी तक ईंट भट्टा संचालकों ने अलग से कोई कनेक्शन नहीं लिया है। ना ही किसी के अावेदन आए हैं। नियमानुसार विद्युत कनेक्शन लेना जरूरी होता है। महािवतरण विभाग की ओर से जांच पड़ताल कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - एस.पांडे, उपविभागीय अभियंता, महावितरण, गोरेगांव
Source: Dainik Bhaskar January 29, 2026 11:09 UTC