जो लोग अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करते हैं, उन्हें L-1 वीजा दिया जाता है। ये वीजा उन लोगों को मिलता है, जो अमेरिका के बाहर किसी अमेरिकी कंपनी में काम कर रहे हैं और अब उन्हें यूएस के ऑफिस में ट्रांसफर मिल रहा है। L-1 वीजा के जरिए वे आराम से यूएस आकर जॉब कर सकते हैं। (फोटो- Freepik)साइंस, एजुकेशन, बिजनेस, एथलेटिक्स, आर्ट्स, फिल्म और टेलीविजन जैसे क्षेत्रों में असाधारण क्षमता रखने वाले लोगों को O-1 वीजा के जरिए अमेरिका में जॉब करने की इजाजत दी जाती है। कोई भी शख्स रिसर्च पब्लिकेशन, अवार्ड्स, ज्यादा सैलरी जैसे फैक्टर्स के बूते असाधारण क्षमता को साबित कर सकता है और फिर उसे O-1 वीजा मिल जाएगा। (फोटो- Freepik)डे 1 CPT प्रोग्राम एक तरह का ऐसा अकेडमिक प्रोग्राम है, जिसके जरिए F-1 स्टूडेंट वीजा पर पढ़ाई कर रहा छात्र कोर्स शुरू होने के पहले ही दिन से काम करना जारी कर सकता है। उसे 'करिकुलर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग' (CPT) के जरिए ऐसा करने की इजाजत मिलती है। फेलिप जिमेनेज ने इस प्रोग्राम का इस्तेमाल सावधानी से करने की सलाह दी क्योंकि अगर USCIS ये मान लेता है कि CPT वैलिड नहीं है तो इससे भविष्य में वीजा मिलना मुश्किल हो जाता है। (फोटो- Freepik)अमेरिका में OPT पर विदेशी छात्रों को 12 महीने तक जॉब की इजाजत होती है। 'साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स' (STEM) कोर्सेज की पढ़ाई करने वाले छात्रों को STEM-OPT के तहत 24 महीने एक्स्ट्रा जॉब के लिए मिल जाते हैं। इस तरह अगर आप OPT पर जॉब कर रहे हैं और लॉटरी में नाम नहीं आया है, तो फिर आप STEM-OPT एक्सटेंशन लेकर जॉब करना जारी रख सकते हैं। (फोटो- Freepik)अमेरिका में 'ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग' ( OPT ) पर मौजूद भारतीय छात्र भी H-1B वीजा लॉटरी का हिस्सा बनते हैं। कई बार उन्हें वीजा नहीं मिल पाता है और OPT की अवधि भी खत्म हो रही होती है। ऐसी स्थिति में वो एक बार फिर कॉलेज में एडमिशन लेकर F-1 स्टूडेंट वीजा पा सकते हैं। इस तरह वे कानूनी तौर पर अमेरिका में रह पाएंगे और साथ ही उन्हें OPT या OPT एक्सटेंशन के जरिए आगे भी काम करने की इजाजत मिल जाएगी। (फोटो- Freepik)इमिग्रेशन वकील का कहना है कि हर साल 85 हजार H-1B वीजा जारी होते हैं, जिन्हें लॉटरी के जरिए दिया जाता है। लेकिन यहां पर कैप-एग्जैम्पट H-1B भी है, जिसके लिए लॉटरी नहीं होती है। यूनिवर्सिटीज, हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन, यूनिवर्सिटीज से जुड़े नॉन प्रॉफिट संगठन, नॉन प्रॉफिट रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन और सरकारी रिसर्च संगठनों में जो जॉब होती हैं, वो 85 हजार वीजा कोटा दायरे में नहीं आती हैं। यहां काम करने के लिए सीधे कैप-एग्जैम्पट H-1B वीजा मिल जाता है। (फोटो- Freepik)
Source: Navbharat Times April 08, 2026 01:38 UTC