तीसरे टाइप के जुर्माने में Heavy फाइन का प्रावधान है। यदि भेजन में लकड़ी, धातु, प्लास्टिक आदि हो, भोजन खाने के बाद तबीयत खराब हो जाए, भोजन में मक्खी या काकरोच निकले, वेटर यात्रियों से अपमानजनक भाषा में बात करे (Abusive Language), ओवरचार्जेंग करे, रेल नीर होते हुए दूसरे ब्रांड का पानी बेचे, वेटर यात्रियों से हाथापाई करे तो पहली शिकायत पर 25 हजार रुपये का जुर्माना होगा। दूसरी शिकायत पर एक लाख, तीसरी शिकायत पर डेढ़ लाख रुपये और चौथी शिकायत पर ढाई लाख रुपये का जुर्माना होगा। पांचवी शिकायत आई तो फिर ठेका रद्द।इसे चिट्ठी के जारी होने से पहले रेलवे बोर्ड की 14 नवंबर 2023 को जारी कैटरिंग पॉलिसी के हिसाब से फाइन लगता था। इसमें कई तरह के दंड का प्रावधान है। पहले टाइप में सिर्फ फाइन का प्रावधान है। इसमें ठंडा खाना परोसने, खाने का टेस्ट खराब होने, देर से खाना देने आदि जैसे शिकायत यदि पहली बार आती है तो 5,000 रुपये का फाइन लगता था। दूसरी बार होने पर 10 हजार रुपये, तीसरी बार में 15 हजार रुपये, चौथी बार में 20 हजार रुपये और पांचवे या इससे ज्यादा बार शिकायत आने पर हर बार 25 हजार रुपये का जुर्माना लगता था।आपको पता ही होगा कि चलती ट्रेन से लेकर रेलवे स्टेशन और प्लेटफॉर्म पर खानपान सेवा उपलब्ध कराने के लिए रेलवे की एक पीएसयू इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) है। यह कंपनी रेलवे बोर्ड के निर्देशों के मुताबिक रेल यात्रियों को खानपान सेवा उपलब्ध कराती है। इसी कंपनी के सीएमडी को रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक टूरिज्म एंड कैटरिंग (ED, T&C) दुर्गेश दुबे ने बीते सप्ताह एक चिट्ठी भेजी है। इस चिट्ठी की कॉपी एनबीटी ने देखी है। इस क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि इसी चिट्ठी के जारी होने के बाद रेलवे के कुछ कैटरिंग ठेकेदारों के बीच खुशी का माहौल है।
Source: Navbharat Times March 23, 2026 13:13 UTC