नई दिल्ली। भारत और इजराइल के बीच संभावित रक्षा समझौते की खबरों के बीच गुरुवार को रक्षा क्षेत्र के शेयरों में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली। निफ्टी डिफेंस इंडिया इंडेक्स लगभग 1% से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया, जिससे निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी साफ दिखी।रक्षा शेयरों में किसने दिखाई बढ़त? Astra Microwave Products का शेयर 4% से अधिक चढ़ा। वहीं Data Patterns में करीब 3.7% की तेजी देखने को मिली। Unimech Aerospace and Manufacturing शेयर और सोलर इंडस्ट्रीज शेयर में भी लगभग 3% की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। Bharat Dynamics Limited (BDL) और Bharat Electronics Limited (BEL) में करीब 1.5% की मजबूती रही। Hindustan Aeronautics Limited (HAL) और Paras Defence and Space Technologies भी हरे निशान में रहे।रक्षा क्षेत्र के शेयरों में यह तेजी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इज़राइल यात्रा के बीच संभावित रणनीतिक समझौते की उम्मीदों के कारण आई है। क्या है भारत–इज़राइल रक्षा समझौते की चर्चा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी को दो दिवसीय इज़राइल यात्रा पर रवाना हुए। यह 2017 के बाद उनकी पहली यात्रा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार समझौता केवल हथियार खरीद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों के तकनीकी हस्तांतरण (टेक्नोलॉजी ट्रांसफर) पर जोर हो सकता है।रिपोर्ट्स के मुताबिक, समझौते में दो प्रमुख पहलू हो सकते हैं:रक्षा प्रणालियों में साझेदारी संभावित रूप से Israel Aerospace Industries, Rafael Advanced Defence Systems और Elbit Systems जैसी इज़राइली कंपनियों की तकनीकों पर बातचीत हो सकती है। हालांकि कंपनियों ने अभी तक औपचारिक पुष्टि नहीं की है। प्रधानमंत्री मोदी ने इज़राइली संसद ‘कनेस्सेट’ में अपने संबोधन में कहा कि अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों में भारत और इज़राइल जैसे भरोसेमंद साझेदारों के बीच मजबूत रक्षा सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। “मिशन सुदर्शन चक्र” और मिसाइल रक्षा पर फोकस प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर “मिशन सुदर्शन चक्र” की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य देश के लिए बहु-स्तरीय (multi-layered) मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करना है। माना जा रहा है कि इज़राइल के साथ सहयोग इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।क्या रक्षा शेयरों में निवेश का सही समय है? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारत का रक्षा क्षेत्र अब केवल ऑर्डर आधारित नहीं, बल्कि दीर्घकालिक कार्यक्रमों पर आधारित विकास मॉडल की ओर बढ़ रहा है। सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल, बढ़ते रक्षा बजट और आधुनिकीकरण परियोजनाएं इस क्षेत्र को मजबूत आधार दे रही हैं।किन शेयरों पर नजर? HAL और BEL विश्लेषकों के मुताबिक, HAL और BEL दीर्घकालिक रूप से मजबूत कंपनियां हैं। HAL विमान निर्माण में अग्रणी है और उसके पास मजबूत ऑर्डर बुक है। BEL की विविध पोर्टफोलियो रडार, कम्युनिकेशन सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर इसे स्थिरता प्रदान करती है। दोनों कंपनियों को आने वाले वर्षों में सरकारी रक्षा परियोजनाओं का लाभ मिल सकता है।
Source: Dainik Jagran February 26, 2026 11:41 UTC