फीकल कॉलिफॉर्म (Fecal Coliform)स्रोत: यह मुख्य रूप से मानव या पशुओं के मल में पाया जाता है।प्रभाव: इसकी मौजूदगी सीधे तौर पर यह संकेत देती है कि पीने के पानी की लाइन में सीवर का गंदा पानी मिल रहा है। यह अन्य घातक रोगजनकों की उपस्थिति का प्रारंभिक सूचक है।2. स्यूडोमोनास एरूजिनोसा (Pseudomonas Aeruginosa)प्रभाव: यह उन लोगों के लिए सबसे अधिक खतरनाक है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर है।संक्रमण: इससे फेफड़ों में संक्रमण (Infection) और रक्त में जहर (Blood infection) फैलने का खतरा रहता है।5. क्लेबसेला स्पीशीज (Klebsiella Species)प्रभाव: यह शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित करता है।संक्रमण: मुख्य रूप से फेफड़ों में संक्रमण (जैसे निमोनिया), मूत्र मार्ग में संक्रमण (UTI) और पेट संबंधी बीमारियों का कारण बनता है।6. सिट्रोबैक्टर स्पीशीज (Citrobacter Species)प्रभाव: यह गंदे और दूषित पानी के माध्यम से फैलता है।जोखिम: यह बैक्टीरिया विशेष रूप से छोटे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।7. प्रोटोजोआ (Protozoa)विवरण: बैक्टीरिया के अलावा पानी में प्रोटोजोआ भी पाए गए हैं, जो आमतौर पर आंतों में संक्रमण और लंबे समय तक चलने वाले दस्त का कारण बनते हैं।
Source: NDTV January 04, 2026 14:08 UTC