एंफी के मुताबिक लगातार छठे साल इक्विटी म्यूचुअल फंड में शुद्ध निवेश हुआलगातार तीसरे साल इक्विटी म्यूचुअल फंड में घटा है शुद्ध निवेशइक्विटी एमएफ के एयूएम में आई गिरावट, एसआईपी का योगदान बढ़ादैनिक भास्कर May 07, 2020, 08:02 PM ISTनई दिल्ली. निवेशकों ने कारोबारी साल 2019-20 में इक्विटी से जुड़ी म्यूचुअल फंड (एमएफ) योजनाओं में 81,600 करोड़ रुपए का निवेश किया। यह इससे पहले के कारोबारी साल के मुकाबले 27 फीसदी कम है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एंफी) के आंकड़ों के मुताबिक हालांकि लगातार छठे कारोबारी साल इक्विटी म्यूचुअल फंड (ईएलएसएस सहित) में शुद्ध निवेश हुआ है। बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति के कारण पिछले कारोबारी साल में इक्विटी म्यूचुअल फंड में कम निवेश हुआ।हाल के वर्षों में इक्विटी म्यूचुअल फंड में हुए नए शुद्ध निवेश का ब्योराहाल के वर्षों में इक्विटी म्यूचुअअल फंड में नए शुद्ध निवेश का ब्योरा इस प्रकार है। इसमें इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम्स (ईएलएसएस) भी शामिल है।2019-20 : 81,600 करोड़ रुपए 2018-19 : 1,11,858 करोड़ रुपए 2017-18 : 1,71,069 करोड़ रुपए 2016-17 : 70,367 करोड़ रुपए 2015-16 : 74,024 करोड़ रुपए 2014-15 : 71,029 करोड़ रुपए 2013-14 : (-) 9,269 करोड़ रुपएफरवरी और मार्च 2020 में हुआ ज्यादा निवेशपिछले कारोबारी साल में मार्च 2020 में निवेशकों ने इक्विटी म्यूचुअल फंड में 11,485 करोड़ रुपए का निवेश किया, जो पूरे कारोबारी साल में सबसे ज्यादा है। यही नहीं, फरवरी 2020 में इन योजनाओं में 10,730 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जो पिछले कारोबारी साल में फरवरी तक के 11 महीनों में सबसे ज्यादा था। इस दौरान कोरानावायरस महामारी के कारण शेयर बाजार में भारी गिरावट का माहौल रहा।इक्विटी एमएफ के एयूएम में आई गिरावट, एसआईपी का योगदान बढ़ाइक्विटी एमएफ का असेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) मार्च 2020 के आखिर में घटकर 6.03 लाख करोड़ रुपए पर आ गया। यह मार्च 2019 में 7.73 लाख करोड़ रुपए पर था। हालांकि इस एयूएम में सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) का योगदान पिछले कारोबारी सालमें बढ़कर एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का हो गया, जो 2018-19 में 92,693 करोड़ रुपए था।हर महीने औसतन 9.95 लाख एसआईपी अकाउंट खुलेपिछले कारोबारी साल में इस उद्योग में हर महीने औसत 9.95 लाख एसआईपी अकाउंट खुले। हर अकाउंट के जरिए औसत 2,750 रुपए का निवेश हुआ। म्यूचुअल फंड अनेक निवेशकों से मिली राशि का एक सामूहिक कोष होता है। इस कोष का निवेश विभिन्न प्रकार की संपत्तियों में किया जाता है, जिनमें शेयर, बांड और मुद्रा भी शामिल हैं।
Source: Dainik Bhaskar May 07, 2020 13:41 UTC