डिजिटल डेस्क,जबलपुर। शहर के सघन व्यावसायिक क्षेत्रों में खम्भों में बिजली के तारों का जाल फैला हुआ है। खम्भों में शॉर्ट सर्किट होने से बिजली के तारों में आग लग सकती है, जो सामने स्थित दुकानों और मकानों को अपनी चपेट में ले सकती है। ऐसा ही हादसा 23 दिसंबर को सुपर मार्केट में हो चुका है, जहां पर बिजली के तार से होते हुए सामने स्थित मोबाइल शॉप और मकान में आग लग गई थी।गनीमत यह थी कि इस अग्नि हादसे में जनहानि नहीं हुई। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने खम्भों से बिजली के तार हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं शुरू की है।दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि सुपर मार्केट, गंजीपुरा, लार्डगंज थाना, घमंडी चौक, कमानिया गेट, सराफा, कोतवाली, मिलौनीगंज, नरघैया, मुकादमगंज, तुलाराम चौक, अंधेरदेव, करमचंद चौक और गलगला क्षेत्र में लगे खम्भों में बिजली के तारों का जाल फैला हुआ है। एक खम्भे से 20 से 25 सर्विस लाइनें गई हुई हैं।सर्विस लाइन के नीचे इंटरनेट के तारों के गुच्छे लटके हुए हैं। बिजली के ज्यादातर खम्भे दुकानों और मकानों से सटे हुए हैं। जानकारों का कहना है कि खम्भों में क्षमता से अधिक सर्विस लाइन होने के कारण शॉर्ट सर्किट की संभावना बनी रहती है। शॉर्ट सर्किट से बिजली के तारों में आग सकती है, जो आसपास की दुकानों और मकानों में भी फैल सकती है। इसके बाद भी खम्भों से बिजली के तारों को अलग नहीं किया जा रहा है।सर्विस लाइन के लिए बॉक्स लगाए जाएंक्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि शहर के सघन व्यावसायिक क्षेत्र से सर्विस लाइन दिए जाने के लिए खम्भों में बॉक्स लगाए जाएं, ताकि बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट का खतरा कम हो सके। बिजली विभाग द्वारा खुले तारों से ही सर्विस लाइन के कनेक्शन दिए जा रहे हैं, जो अग्नि दुर्घटना के कारण बन रहे हैं।सराफा चौक पर ट्रांसफॉर्मर के साथ ही बिजली के खम्भेपड़ताल के दौरान एक तथ्य यह भी सामने आया है कि सराफा चौक पर ट्रांसफॉर्मर के साथ ही बिजली के खम्भे लगाए गए हैं। बिजली के खम्भों से कई सर्विस लाइनें गई हुई हैं। यहां पर इंटरनेट के तारों के गुच्छे भी लटके हुए हैं। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यहां पर ट्रांसफॉर्मर में शॉर्ट सर्किट होने से बड़ी अग्नि दुर्घटना हो सकती है।
Source: Dainik Bhaskar February 11, 2026 21:36 UTC