Jabalpur News: परियट के किनारे अवैध खनन से बिगड़ रहा प्राकृतिक संतुलन - News Summed Up

Jabalpur News: परियट के किनारे अवैध खनन से बिगड़ रहा प्राकृतिक संतुलन


डिजिटल डेस्क,जबलपुर। परियट नदी जबलपुर की बड़ी आबादी के लिए जीवनदायिनी है। यह चंबल के बाद ऐसी नदी है, जो मगरमच्छों का प्राकृतिक रहवास है। परियट नदी के कई हिस्सों में अवैध उत्खनन हो रहा है। इससे नदी में पानी की कमी हो रही है, साथ ही मगरमच्छों के प्राकृतिक रहवास पर भी संकट गहराने लगा है। प्रदूषण और अवैध कार्यों की वजह से इस नदी के अस्तित्व पर संकट आ चुका है। कुंडम से निकलने वाली यह नदी छोटी जरूर है, लेकिन करीब 20 गांव के लोगों का जीवन इस नदी पर निर्भर रहता है।इंसानों के साथ मगरमच्छों का जीवन भी संकट मेंसाल दर साल यहां का घटता जलस्तर इंसानों के साथ मगरमच्छों और इससे लगे जंगलों के वन्य प्राणियों को भी बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। नदी के संरक्षण को लेकर कई बार प्लानिंग बनी लेकिन हर बार मामला फाइलों तक ही सीमित रहा।इमलिया के पास परियट नदी के हाल बेहालहैरान करने वाली बात यह है कि एलपीआर से वर्धाघाट तक जिस हिस्से में आमजन का दखल है, वहां साल भर भरपूर पानी मौजूद रहता है। इसी तरह अगर पूरे नदी क्षेत्र में प्रयास किया जाए तो इसे बचाया जा सकता है।पंप लगाकर हो रही सिंचाईग्रामीणों के अनुसार परियट नदी से लगे गांवों के खेतों में सिंचाई के लिए सैकड़ों मोटर पंप लगाए गए हैं, जिनसे हर दिन 100 से 200 एकड़ के खेतों में अवैध रूप से सिंचाई होती है। इसके अलावा नदी के किनारे ईंट-भट्टों में उपयोग होने वाली भसुआ मिट्टी का अवैध खनन भी बेखौफ तरीके से जारी है। ग्रामीणों की तरफ से होने वाली एक भी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होती।गांवों में पहुंच रहे मगरमच्छपरियट नदी मगरमच्छों का प्राकृतिक रहवास है। यहां 150 से ज्यादा छोटे-बड़े मगरमच्छ मौजूद हैं। गर्मी की शुरुआत मगरमच्छों का प्रजनन काल कहलाता है। इसलिए मादा मगरमच्छ अंडे देने के लिए नदी के किनारे सुरक्षित स्थानों में अपना ठिकाना बना लेती थी, लेकिन मोटर पंपों की आवाज और खुदाई के लिए लगने वाली जेसीबी मशीनों और भारी वाहनों की आवाजाही से बचने के लिए ये नदी से लगे गांवों में अंडे देने के लिए मूवमेंट करती हैं।


Source: Dainik Bhaskar February 16, 2026 13:46 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */