हेमलता श्रीवास्तव की मौत के बाद प्राॅपर्टी विवाद और गहरा गया है। इस स्थिति को भांपते हुए जिला प्रशासन द्वारा डाॅ. हेमलता की प्राॅपर्टी को सील कर दिया गया है। वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि डाॅ. हेमलता की प्राॅपर्टी ननि द्वारा लीज पर दी गई थी। इस प्राॅपर्टी को दान में दिए जाने पर लीज शर्तों का उल्लंघन हुआ है।एसडीएम की जांच में फर्जीवाड़ा उजागर होने पर गिफ्ट डीड रद्द कर सरकार जमीन वापस ले सकती है। ज्ञात हो कि डाॅ. हेमलता के बेटे रचित और उनके पति महेश श्रीवास्तव की मौत के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी थी। इस दौरान पता चला कि 2 जनवरी को जमीन का 11 हजार वर्गफीट हिस्सा डाॅ. हेमलता के मृत्युपूर्व कथन दर्ज किए गए हैं, जिसमें दानपत्र को गलत तरीके से निस्पादित कराया जाना बताया गया था। जानकारों का मानना है कि सुनवाई के बाद दानपत्र निरस्त किया जा सकता है।नगर निगम ने चस्पा किया नोटिसउधर निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के निर्देश पर सहायक आयुक्त शिवांगी महाजन ने मौके का निरीक्षण कर नोटिस चस्पा किया है। ननि द्वारा बताया गया कि लीज प्लॉट नंबर 51, श्रीवास्तव परिवार के नाम पर दर्ज है। ननि के स्वामित्व की भूमि निगम की बिना अनुमति दान की गई है। वहीं निरीक्षण के दौरान भू-खंड पर व्यापारिक उपयोग की गतिविधियां होनी पाई गईं। लीज शर्तों का उल्लंघन होने पर ननि का जमीन पर पुन: प्रवेश का अधिकार है।प्राॅपर्टी पर कई लोगों की नजरडाॅ.
Source: Dainik Bhaskar February 17, 2026 12:11 UTC