डिजिटल डेस्क,जबलपुर। एनएबीएच सर्टिफिकेट सबमिट न करने पर शहर के 10 निजी अस्पतालांे को आयुष्मान भारत निरामयम् मप्र द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं। इन अस्पतलों को 7 दिन के भीतर एंट्री लेवल अथवा फाइनल लेवल सर्टिफिकेट सबमिट करना होगा, किसी तरह का सर्टिफिकेट सबमिट न करने की स्थिति इन्हें योजना से बाहर कर दिया जाएगा।दरअसल आयुष्मान योजना की संबद्धता के लिए एनएबीएच (राष्ट्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड) फुल एक्रेडिटेशन यानी फाइनल लेवल क्वालिटी सर्टिफिकेट शासन ने अनिवार्य किया है। यह निर्णय केवल भोपाल, इंदौर, जबलपुर एवं ग्वालियर के अस्पतालों के लिए लिया गया है।आयुष्मान भारत निरामयम् मप्र द्वारा कुछ दिनों पूर्व जारी आदेश के अनुसार योजना के अंतर्गत नवीन संबद्धता के लिए एंट्री लेवल एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पतालों को पात्र माना जाएगा, लेकिन एंट्री लेवल एनएबीएच प्रमाणन की अवधि समाप्त होने से पूर्व संबद्धता जारी रखने के लिए संबंधित अस्पताल को एनएबीएच फुल एक्रेडिटेशन प्राप्त करना अनिवार्य होगा।ऐसा नहीं करने पर संबद्धता निरंतर नहीं रहेगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि फाइनल लेवल सर्टिफिकेट के आधार पर बिना किसी अतिरिक्त निरीक्षण के ही आयुष्मान संबद्धता दी जाएगी। चिकित्सालयों को एनएबीएच प्रमाणपत्र की प्रति अधिकृत ई-मेल के माध्यम से कार्यालय भेजने के निर्देश हैं। जिन अस्पतालों के पास दोनों तरह का सर्टिफिकेट नहीं है, उनकी संबद्धता समाप्त हो जाएगी।एक नजर जिले पर{ 12 लाख 59 हजार आयुष्मान लाभार्थी{ 12 सरकारी और 36 निजी अस्पतालों के पास आयुष्मान संबद्धताइन 10 अस्पतालों ने नहीं दिए सर्टिफिकेटआयुष्मान भारत से मिली जानकारी के अनुसार जबलपुर के पीजी मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मोहनलाल हरगोविंद पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट हॉस्पिटल, कोठारी हॉस्पिटल, जामदार हॉस्पिटल, नेशनल हॉस्पिटल, सिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, समर्थ श्री मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, शीतल छाया हॉस्पिटल, जेके हॉस्पिटल और अपोलो हॉस्पिटल ने एनएबीएच सर्टिफिकेट सबमिट नहीं किए हैं।बढ़ेगी मरीजों की परेशानीअगर निजी अस्पताल एंट्री लेवल के बाद फाइनल लेवल का एनएबीएच सर्टिफिकेट नहीं लेते हैं तो धीरे-धीरे कर 25 से ज्यादा निजी अस्पताल योजना से बाहर हो जाएंगे। ऐसे में इन मरीजों का दबाव दूसरे अस्पतालों पर भी आएगा। जिले में प्रतिदिन 1500 से 2000 हजार मरीज इन अस्पतालों में योजना के तहत भर्ती होकर नि:शुल्क उपचार लेते हैं।वर्तमान में जिन अस्पतालों के पास एनएबीएच सर्टिफिकेट नहीं है, उन्हें सुनवाई के लिए पूरा समय दिया है। जिनके पास सर्टिफिकेट है, वे क्लेरिफिकेशन के साथ सर्टिफिकेट दे रहे हैं। जबलपुर के 10 अस्पताल हैं, जिनके पास सर्टिफिकेट नहीं है। उन्हें नोटिस जारी कर 7 दिन समय दिया गया है, यदि तय अवधि में सर्टिफिकेट नहीं दिए तो संबद्धता खत्म करने की कार्रवाई की जाएगी।डॉ. योगेश तुकाराम भरसट, सीईओ,आयुष्मान भारत ‘निरामयम्’ मप्र
Source: Dainik Bhaskar April 10, 2026 02:09 UTC