कुत्ते को खम्बे से बांधकर पीट रहा आरोपी।झांसी में पशु क्रूरता की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक व्यक्ति ने डॉग को रस्सी से बांधकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। सिर्फ 60 सेकेंड में 16 लाठियां बरसाईं। वह उस पर तब तक वार करता रहा, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।. एक दूसरा डॉग उसे बचाने की कोशिश करता रहा। व्यक्ति को देखकर भौंकने और गुर्राने लगा, तो उसने डंडा मारकर उसे भगाया। डॉग दर्द से चीखता रहा, लेकिन व्यक्ति को तरस नहीं आया। इस दौरान मोहल्ले के किसी शख्स ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। मामला शनिवार का उल्दन थाना क्षेत्र के राजगिर गांव का है, वीडियो सोमवार को सामने आया है।घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। एक युवक ने शिकायत दर्ज करवाकर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों और पशु प्रेमियों ने इसे अमानवीय घटना बताकर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।डॉग को बचाने के लिए ब्लैक एंड वाइट कलर का दूसरा डॉग आता है।अब पढ़िए पूरा मामला...राजगिर गांव में राजकुमार यादव अपने परिवार के साथ रहता है। वीडियो में दिख रहा है कि राजकुमार ने घर के बाहर लगे खंभे पर डॉग को रस्सी से बांधा हुआ है। जिससे वह भाग न सके। इसके बाद वो लाठी लेकर आता है और उसे लगातार पीटने लगता है। इस दौरान आरोपी के अलावा वहां अन्य 2 लोग भी मौजूद थे।इस दौरान दूसरा ब्लैक एंड वाइट डॉग कहीं से आता है। वो बंधे हुए डॉग को बचाने की कोशिश करता है। उसे बचाने के लिए भौंकता और गुर्राता है। बार-बार उसके पास जाता है। लेकिन व्यक्ति उसके सामने भी लाठी फटकारता है। जिससे डरकर वो डॉग भाग जाता है।इधर राजकुमार फिर से बंधे हुए डॉग को लाठी से मारना शुरू कर देता है। वो एक मिनट यानी 60 सेकेंड तक लगातार लाठी मारता रहता है। बंधा हुआ डॉग दर्द से चीखता-चीखता शांत हो जाता है। आखिरी में उसकी जान चली जाती है। वो जमीन पर बेजान पड़ा रहता है।व्यक्ति लगातार डॉग को लाठियां मारता है।अफसर बोले- ऐसी क्रूरता बर्दाश्त नहीं गांव के रहने वाले मोनू पुत्र शेर सिंह ने थाना उल्दन में राजकुमार के खिलाफ शिकायत दी है। उल्दन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। वायरल वीडियो को सबूत के तौर पर शामिल किया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है।पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि पशुओं के प्रति इस तरह की क्रूरता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।जब मारते-मारते थक जाता है, तो धोती उतारकर फिर उसे पीटने लगता है।ये कहता है पशु क्रूरता अधिनियम पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत किसी भी पशु को अनावश्यक पीड़ा पहुंचाना, मारना-पीटना या क्रूर व्यवहार करना दंडनीय अपराध है। अधिनियम के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर आरोपी को जुर्माना और कारावास दोनों का प्रावधान है।गंभीर मामलों में पुलिस को आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का अधिकार है। अधिनियम का उद्देश्य पशुओं के प्रति मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करना और उनके संरक्षण को बढ़ावा देना है।....................ये खबर भी पढ़िए-गर्लफ्रेंड के टुकड़े-टुकड़े किए, नीले बक्से में रखे:झांसी में 7 दिन से एक-एक अंग जला रहा था, ऑटो में बक्सा रखकर भागाझांसी में बॉयफ्रेंड ने गर्लफ्रेंड की हत्या कर दी। लाश के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। रिटायर्ड रेलकर्मी लाश को ठिकाने के इरादे से 7 दिन से रोज एक-एक अंग जला रहा था। बाद में बचे अधजले अंग, हड्डियों और राख को नीले बक्से में भरकर फेंकने जा रहा था। पढ़िए पूरी खबर...
Source: Dainik Bhaskar January 19, 2026 14:22 UTC