Jodhpur News In Hindi : Raghav of Jodhpur built Corona Boat, doctors-nurses from 20 feet away will be able to give medicines - News Summed Up

Jodhpur News In Hindi : Raghav of Jodhpur built Corona Boat, doctors-nurses from 20 feet away will be able to give medicines


नर्सिंग स्टाफ व डॉक्टर्स को बार-बार पेशेंट के पास जाना पड़ता है, जिससे उन्हें खुद संक्रमित होने का खतरा रहता हैइसी को ध्यान में रखते हुए इस बोट पर एक बॉक्स लगाया गया है,जिसमें दवाई व अन्य वस्तुएं रखकर मरीज के पास भेजी जा सकती हैदैनिक भास्कर Apr 15, 2020, 07:20 AM ISTजोधपुर. कोविड-19 यानी कोरोना वायरस के रोगियों का इलाज करने वाले डॉक्टर्स, नर्सेज व अन्य चिकित्साकर्मियों को रोगियों से सोशल डिस्टेंस बनाने के लिए शहर के एंटरप्रिन्योर राघव शर्मा ने एक रोबोट का प्रोटोटाइप तैयार किया है। इसे कोरोना बोट का नाम दिया है। इसकी मदद से डॉक्टर्स व नर्सिंगकर्मी को इलाज के दौरान मरीज के पास बार-बार जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राघव ने लॉकडाउन के समय का उपयोग कर डॉक्टर्स व नर्सिंग स्टाफ के लिए यह उपकरण तैयार किया है।इसे 20 फीट दूरी से उपयोग किया जा सकता हैउन्होंने इसे तैयार करने के लिए अपने मित्र व सॉफ्टवेयर इंजीनियर नारायण जांगिड़ की भी मदद ली है, जो बेंगलुरु में रहते हैं। इसे वॉइस कंट्रोल व मोबाइल से ऑपरेट किया जा सकता है। इसे तैयार करने के लिए वॉइस कंट्रोल मॉड्यूल व मोबाइल ऑपरेशन का उपयोग किया गया है। इसे किसी भी मोबाइल से जोड़ा जा सकता है और रोगी तक वार्ड में कोई भी वस्तु पहुंचाने के लिए इसे 20 फीट दूरी से उपयोग किया जा सकता है। इससे जुड़ी एक एप भी बनाई गई है, जिसके माध्यम से इसे ऑपरेट किया जा सकता है। राघव का कहना है कि प्रोटोटाइप बोट के लिए कुछ पार्ट्स नहीं मिलने के कारण घर पर ही जुगाड़ से और पुराने सामान को काम में लेकर कार्य करना पड़ा। इसे ट्रायल के लिए एम्स के डॉक्टर तन्मय को दी गई है, जिसे उपयोग कर इसका ट्रायल लिया जा रहा है।डॉक्टर्स व नर्सेज को बार-बार मरीज के पास जाने की जरूरत नहीं रहेगीनर्सिंग स्टाफ व डॉक्टर्स को बार-बार पेशेंट के पास जाना पड़ता है, जिससे उन्हें खुद संक्रमित होने का खतरा रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बोट पर एक बॉक्स (Hopper) लगाया गया है, जिसमें दवाई व अन्य वस्तुएं रखकर मरीज के पास भेजी जा सकती है। इसमें पड़ी वस्तु को कमांड के साथ दूसरी जगह पर खाली भी किया जा सकता है। यह बोट ऑटोमैटिकली खाली भी हो सकती है, इसके लिए डॉक्टर्स व नर्सिंगकर्मियों को मरीज के पास जाने की जरूरत नहीं रहती।


Source: Dainik Bhaskar April 15, 2020 01:18 UTC



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