इंटरनेट डेस्क। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के भारतीयों के लिए अच्छी खबर आई है। खबर ये है कि अब भारत में गहराता रसोई गैस संकट कुछ हद तक दूर होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच हुई बातचीत के बाद ईरान ने दो भारतीय ध्वज वाले एलपीजी जहाजों को 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से गुजरने की अनुमति देकर भारत के हित में बड़ा कदम उठाया है।इसके बाद भारतीय झंडे वाले टैंकरों को ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकाल दिया गया है। खबरों के अनुसार, ईरान ने भारतीय झंडे वाले टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता दिया है। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय झंडे वाले एलपीजी टैंकर 'शिवालिक' ने सफलतापूर्वक 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को पार कर लिया है और अब दूसरा एलपीजी जहाज 'नंदा देवी' भी इस अहम तेल मार्ग से सुरक्षित बाहर निकल गया है।आगामी दो दिनों में भारतीय बंदरगाह पर पहुंच सकते हैं दोनों जहाजशिवालिक को भारतीय नौसेना की ओर से सुरक्षा दी जा रही है। इन दोनों एलपीजी जहाजों के आगामी दो दिनों के भीतर किसी भारतीय बंदरगाह पर पहुंचने की संभावना है। ये दोनों मुंबई या कांडला पर पहुंच सकते हैं। खबरों के अनुसार, शिवालिक जहाज अब खुले समुद्र में पहुंच चुका है और भारतीय नौसेना के मार्गदर्शन में सुरक्षित रूप से आगे बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि नंदा देवी जहाज में 46,000 मीट्रिक टन से ज्यादा लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस है। ये देश की एनर्जी सप्लाई चेन के लिए बहुत जरूरी है।PC: navbharattimes.indiatimes
Source: Navbharat Times March 14, 2026 09:41 UTC