लखनऊ (ब्यूरो)। डॉक्टर हमेशा सब्जियों को अच्छी तरह से धोकर और पकाकर खाने की सलाह देते हैं। पर कई बार लापरवाही व गंदी जगहों पर खाने की वजह से इनमें मौजूद पैरासाइट शरीर के अंदर पेट से होते हुए दिमाग तक पहुंच जाते हैं, जिससे पेट, आंत समेत आंख और दिमाग तक को नुकसान पहुंचता है। हाल ही में यूपी के अमरोहा जिले में हुई एक युवती की मौत के पीछे की वजह पत्तागोभी के सेवन को बताया जा रहा है। एक्सपर्ट भी मानते हैं कि गंभीर मामलों में लोगों की जान तक पर बन आती है।बहुत छोटा होता है पैरासाइटकेजीएमयू के न्यूरोलॉजी विभाग के हेड प्रो। राजेश वर्मा बताते हैं कि सब्जियों में टीनिया सोलियम नाम का एक पैरासाइट यानी परजीवी हो सकता है। जो इतना छोटा होता है कि दिखता भी नहीं है। ये पैरासाइट सब्जियों पर तब आता है जब इनपर कोई संक्रमित जानवर मल या मूत्र कर देता है। ये परजीवी जानवरों की आंतों में बनता है। ये अधपके पोर्क में भी पाए जा सकते हैं और जमीन पर उगने वाली किसी दूसरी सब्जी में भी जैसे पालक, ब्रोकली, शिमला मिर्च आदि, जिन्हें खाने के बाद इसका अंडा ब्रेन में चला जाता है और लार्वा के तौर पर ब्रेन तक पहुंच जाता है। यह कई बार सिंगल तो कई बार मल्टीपल हो सकता है। इस बीमारी को मल्टी न्यूरो सिस्टीसर्कोसिस कहते हैं। ओपीडी में रोजाना ऐसे 10-15 केस आते हैं, पर इस समस्या के लक्षण हर किसी में नहीं होते हैं।कमजोर इम्युनिटी वालों को खतराडॉ। राजेश वर्मा बताते हैं कि यह समस्या अकसर कच्ची सब्जी, सलाद, गंदी जगह से खाने या अधपका खाना खाने से फैलती है। खासतौर पर पानी के बताशे, चाऊमिन या फिर ऐसे फूड आयटम जिनमें पत्तागोभी या कोई अन्य पत्तेदार सब्जी होती है, जिसे अच्छे से साफ न किया गया हो। लार्वा के अंडे पहले पेट में जाते हैं। इसके बाद ब्लड सर्कुलेशन द्वारा लिवर से होते हुए ब्रेन में पहुंच जाते हैं, जिसे सेल्फ ट्रांसमिशन कहते हैं। जिनकी इम्युनिटी कमजोर होती है उनमें यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। इससे अंधेपन की बीमारी तक हो सकती है क्योंकि अंडे आंखों की मसल्स में पहुंचकर पुतली व आप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे विजन जा सकता है।अच्छे से धोएं सब्जियांसंजय गांधी पीजीआई में डायटिशियन डॉ। शिल्पी पांडे ने बताया कि सब्जियों को खाने से पहले अच्छी तरह साफ पानी से धोना चाहिए। इसके लिए ब्लॉन्चिंग करना बेहद जरूरी होता है। इसमें सब्जी के अनुपात में तीन गुना हल्का गर्म 50 पीपीएम क्लोरिनेटेड पानी लेना चाहिए। इसमें सब्जी को कम से कम 20 मिनट तक भिगोकर रखना चाहिए। इसके बाद उसे साफ और ठंडे पानी से धोने के बाद ही इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा, जहां गंदगी नजर आये वहां से खाने से बचना चाहिए क्योंकि यहां पर पैरासाइट के फैलने का खतरा सबसे अधिक रहता है।इन लक्षणों का रखें ध्यान- दौरे पड़ना- सिरदर्द- भ्रम होना- स्किन के नीचे दर्द या सूजी हुई गांठ- मांसपेशियों में दर्द या कमजोरी महसूस होनाइन बातों का रखें ध्यान- हमेशा सब्जियों को अच्छी तरह से धोकर खाएं- इनकी पहली परत को हटा दें- साफ जगह से सब्जियां खरीदें- हाथ धोकर भोजन करेंअधपकी या कच्ची सब्जी खाने से न्यूरो सिस्टीसर्कोसिस हो सकता है, जिससे ब्रेन पर असर पड़ता है। कई बार हालत गंभीर हो सकती है। ऐसे में, खाना पूरी तरह से पका कर ही खाना चाहिए।-डॉ। राजेश वर्मा, केजीएमयूपत्तेदार सब्जियों को अच्छे से ब्लॉन्च करके ही पकाना चाहिए ताकि इंफेक्शन के खतरे को कम किया जा सके।-डॉ। शिल्पी पांडे, संजय गांधी पीजीआई
Source: Dainik Jagran January 04, 2026 13:26 UTC