Lucknow Samachar: akhtar maa milavatte - अखिरकार मायाट्वीटवती - News Summed Up

Lucknow Samachar: akhtar maa milavatte - अखिरकार मायाट्वीटवती


सियासत का साइबर संसार: @SushriMayavati ट्विटर हैंडल पर जनता से जुड़ी बसपा प्रमुख, एक दिन में 35 हजार फॉलोअरएनबीटी ब्यूरो, लखनऊलोकसभा चुनाव से पहले बसपा प्रमुख मायावती की सोशल मीडिया पर एंट्री हो गई है। अब वह अपने ट्विटर अकाउंट @SushriMayavati पर जनता से जुड़ गई हैं। बसपा कार्यालय से प्रेस नोट जारी कर इसकी आधिकारिक पुष्टि भी कर दी गई है। मंगलवार को लोगों को इसकी जानकारी होने के बाद से फॉलोअरों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। मंगलवार शाम तक उनके करीब 750 फॉलोअर थे। यह संख्या बुधवार शाम तक करीब 35 हजार हो गई।अकाउंट थे पर आधिकारिक नहींसामान्य तौर पर बसपा प्रमुख मीडिया से दूरी बनाकर रखती हैंष मायावती के अलावा पार्टी में गिने-चुने लोगों को ही मीडिया में बयान देने की अनुमति है। हालांकि, सोशल मीडिया पर बीएसपी के नाम से कई ट्विटर अकाउंट, वेबसाइट, फेसबुक पेज और ग्रुप हैं। बीएसपी के नाम से प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के अलावा ज्यादातर जिले के भी ट्विटर हैंडल बने हैं लेकिन बसपा उन्हें अपना आधिकारिक अकाउंट नहीं बताती। कई बार बसपा सफाई भी दी गई है कि उनका कोई भी आधिकारिक अकाउंट नहीं है।अक्टूबर-18 में बना अकाउंट, अब आधिकारिकहालांकि यह ट्विटर अकाउंट अक्टूबर 2018 का है लेकिन बसपा की ओर से आधिकारिक पुष्टि 6 फरवरी, 2019 को की गई। इससे पहले मंगलवार को बसपा नेता सुधींद्र भदौरिया ने ट्वीट करके मायावती के ट्विटर पर आने की खुशी जताई। राजद के नेता तेजस्वी यादव ने लिखा कि मैंने 13 जनवरी को मायावती से मुलाकात के दौरान उनसे ट्विटर जॉइन करने की रिक्वेस्ट की थी। मुझे खुशी है कि आपने उसे स्वीकार किया। अकाउंट को ब्लू टिक भी मिल गया है।हर प्रेसनोट मौजूदमायावती सिर्फ एक @twittersupport को फॉलो कर रही हैं और उनके फॉलोअरों की संख्या 35 हजार हो गई है। बुधवार को जारी किए गए प्रेसनोट भी इस अकाउंट पर अपडेट किए गए हैं। इससे पहले के भी सभी प्रेसनोट इस अकाउंट पर हैं।इसलिए आईं ट्विटर परसवाल यही उठ रहा है कि माया के अचानक सोशल मीडिया पर आने की वजह क्या है? जानकारों का कहना है कि अब तक बीएसपी यह मानती थी कि उसके ज्यादातर वोटर सोशल मीडिया वाले नहीं हैं। लेकिन अब जिस तरह सोशल मीडिया ने हर तबके तक जगह बनाई है, उससे महसूस हुआ कि यह प्रचार का बड़ा और सुरक्षित तरीका है। पिछले चुनावों में भी सोशल मीडिया पर प्रचार तो खूब किया गया लेकिन इसे आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया। बैठकों में युवाओं को जोड़ने की पहल की गई। कई पदाधिकारियों ने यह कहा भी था कि सोशल मीडिया प्रचार के लिए ये युवा ही काम आएंगे। हाल ही में उनके भतीजे आकाश ने भी राजनीति में एंट्री की है, उसका भी इफेक्ट इसे माना जा रहा है। वह लंदन में पढ़े हैं और दुनिया में सोशल मीडिया की अहमियत समझते हैं।


Source: Navbharat Times February 07, 2019 00:56 UTC



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