माघ मास की पूर्णिमा पर दान का बहुत खास महत्व है। जीवन में सुख-समृद्धि और धन-धान्य में वृद्धि के लिए इस तिथि पर दान अवश्य करना चाहिए। मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को कंबल, तिल आदि का दान करने से अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है। इससे करियर और नौकरी में आने वाली बाधाओं से राहत मिल सकती है। साथ ही, घर में बरकत बढ़ती है।हिंदू धर्म और पुराण में पूर्णिमा तिथि पर स्नान करने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान करके भगवान विष्णु का ध्यान करना चाहिए। लेकिन अगर ऐसा संभव न हो पाए तो आप घर में स्नान के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। साथ ही, भगवान विष्णु का मन में ध्यान अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से जातक के जीवन में तरक्की के मार्ग खुल सकते हैं। माघ पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि करने के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा अवश्य करनी चाहिए। इसके लिए लकड़ी की चौकी पर लाल या पीले रंग का वस्त्र बिछाकर उस पर विष्णुजी और मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें। फिर, वस्त्र, ताजा पुष्प, पंचामृत आदि अर्पित करें और विधिपूर्वक पूजा आरती करें। साथ ही, इस दिन विष्णुजी के मंत्रों का जाप अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त हो सकती है।पूर्णिमा तिथि पर किसी जरूरतमंद या गरीब व्यक्ति को अनाज का दान करना चाहिए। साथ ही, इस तिथि पर जल और अन्न का दान करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि अनाज का दान करने से घर में कभी भी अन्न-धन की कमी नहीं होती है। अगर घर की बरकत या कार्यों में बाधाएं आ रही हैं तो इस उपाय को जरूर करके देखें। इससे बिगड़े काम बनने शुरू हो सकते हैं। माघ पूर्णिमा तिथि पर पितरों का श्राद्ध कार्य जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा परिवार के सभी सदस्यों पर बनी रहती है। अगर आप पितृदोष का सामना कर रहे हैं तो इस उपाय को जरूर करके देखें। इससे जीवन में आने वाली समस्याओं और आर्थिक तंगी से मुक्ति मिल सकती है। साथ ही, जीवन में खुशहाली आती है।
Source: Navbharat Times January 31, 2026 05:59 UTC