महेश्वर | मां नर्मदा प्राकट्य उत्सव के तहत मुख्य घाट पर शनिवार से मां नर्मदा महापुराण कथा शुरू हुई। मां रेवा आरती समिति द्वारा आयोजित कथा का वाचन पं. राकेश व्यास कर रहे। समिति के रामकरण यादव ने नवग्रह, षोडशोपचार, पंचदेव व मां नर्मदा महापुराण का पूजन. मति शुद्ध होकर जीवन को कर्म क्षेत्र में गति मिलती है। सत्संग मां रेवा के तट पर ही उदित होता है, क्योंकि सिद्ध क्षेत्र में तपस्वी ऋषि-मुनि रमण करते हैं। मां नर्मदा की महिमा व गरिमा दोनों है। इसलिए पवित्र दृष्टि रख स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। तभी मां की भक्ति की सार्थकता है। पं. व्यास ने कहा- पुराण का कथानक कभी पुराना नहीं होता अपितु हर युग में हर शब्द नवीनता का बोध कराता है। इसी नवीनता में सामयिकता व संस्कार जीवंत रहते हैं। धार्मिकता सदैव पुष्पित व पल्लवित होती रहती है। अंत में आरती व प्रसाद वितरण हुआ।
Source: Dainik Bhaskar January 18, 2026 00:15 UTC