Mumbai News. सोमदत्त शर्मा। राज्य में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाकर सरकारी योजनाओं और नौकरियों का लाभ लेने वालों पर अब सख्ती होने वाली है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए दिव्यांग विभाग को डिजिटल समाधान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। फडणवीस ने अपने आदेश में कहा कि पिछले काफी समय से ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि कुछ लोग फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट बनाकर सरकारी लाभ उठा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इसे रोकने के लिए सरकार अब डीजी लॉकर की तर्ज पर एक नई डिजिटल सेवा शुरू करेगी, जिसमें दिव्यांगों के भी प्रमाण पत्र सुरक्षित रखे जाएंगे और उनकी सत्यता आसानी से जांची जा सकेगी।दरअसल मुख्यमंत्री फडणवीस ने हाल ही में दिव्यांग कल्याण विभाग के मंत्री अतुल सावे और अधिकारियों के साथ बैठक कर फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाकर सरकारी योजनाओं और नौकरियों का लाभ लेने वालों पर कड़ाई बरतने को कहा था। फडणवीस ने विभाग के सचिव तुकाराम मुंढे को डीजी लॉकर की तर्ज पर एक नई डिजिटल सेवा शुरू करने को कहा। सूत्रों के मुताबिक इस नई प्रणाली पर काम भी शुरू हो चुका है और इसे जल्द ही लागू किया जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और पात्र लोगों को ही योजनाओं का लाभ मिल सकेगा तथा फर्जीवाड़े पर लगाम लग सकेगी।विभाग के सचिव तुकाराम मुंढे ने बताया कि विभाग में अब केवल रजिस्टर्ड संस्थाएं ही कार्य कर सकेंगी। बिना पंजीकरण के काम करने वाली संस्थाओं पर रोक लगाई जाएगी। मुंढे ने कहा कि संस्थाओं के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से संस्थाएं ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगी। सरकार का मानना है कि इन कदमों से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और जरूरतमंद दिव्यांगजनों तक योजनाओं का लाभ सही तरीके से पहुंच सकेगा।
Source: Dainik Bhaskar March 30, 2026 21:18 UTC