इसका नतीजा यह हुआ कि अब ट्रंप को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन चाहिए. लेकिन जैसे ही ईरान ने होर्मुज को झटका दिया, ट्रंप ने एक‑एक देश को पुकारना शुरू कर दिया. ट्रंप बार‑बार चीन को बुला रहे हैं, लेकिन बीजिंग न जवाब दे रहा है और न उत्सुकता दिखा रहा है. यही कारण है कि ट्रंप के लिए यह सबसे बड़ी परेशानी बन गई है. अब ट्रंप के सामने असली संकट यह है होमुर्ज के मुद्दे पर उसे अन्य देशों की मदद की जरूरत है.
Source: NDTV March 16, 2026 10:27 UTC