Nag Panchami Upay : नाग पंचमी पर होती है इन 12 नागों की पूजा, कालसर्प दोष से मिलती है मुक्ति और भी हैं लाभ - News Summed Up

Nag Panchami Upay : नाग पंचमी पर होती है इन 12 नागों की पूजा, कालसर्प दोष से मिलती है मुक्ति और भी हैं लाभ


नाग पंचमी के दिन 12 नागों की पूजा करने का व‍िधान है। मान्‍यता है क‍ि अगर नाग पंचमी के द‍िन इन सभी नागों की पूजा कर ली जाए तो न केवल कालसर्प दोष से मुक्ति म‍िलती है। बल्कि नाग देवता की पूजा से अन्‍य लाभ भी होता है। आइए जानते हैं क‍ि ये 12 नाग कौन हैं और इनकी पूजा से क्‍या-क्‍या लाभ होता है।नाग पंचमी के 12 नाग देवतानाग पंचमी के द‍िन 12 नागों की पूजा का व‍िधान है। इनके नाम अनंत, वासुकि, शंख, पद्म, कंबल, कर्कोटक, अष्ववर, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालिया, तक्षक और पिंगल हैं। नाग पंचमी के दिन पूजन के बाद इन सभी नागों को प्रणाम क‍िया जाता है। साथ ही प्रार्थना की जाती है क‍ि उनकी कृपा जातक पर बनी रहे।नाग पंचमी की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र, कथाइन्‍हें मानते हैं द‍िव्‍य सर्पपुराणों के अनुसार सर्प दिव्‍य और भौम दो प्रकार के होते हैं। वासुकि और तक्षक को द‍िव्‍य सर्प माना गया है। इन्‍हें पृथ्‍वी का बोझ उठाने वाला और अग्नि के ही समान तेजस्‍वी माना गया है। कहा जाता है क‍ि अगर ये नाराज हो जाएं तो इनकी फुफकार और दृष्टिमात्र से संपूर्ण जगत का नाश कर सकते हैं।नाग पंचमी के दिन न करें ये कामइसलिए पूरी होती हैं सारी मुरादेंमान्‍यता है क‍ि नाग पंचमी के द‍िन नागों की पूजा करने से नाग काटने का भय नहीं रहता। इसके अलावा इस द‍िन की गई सर्प देवता की पूजा से कालसर्प दोष भी दूर होता है। जीवन में सर्पयोग से होने वाले अशुभ प्रभावों का भी नाश होता है। मान्‍यता है क‍ि अगर पंचमी तिथि को कुश से नाग बनाकर उसकी दूध, दही और घी से पूजा की जाए तो नाग देवता अत्‍यंत प्रसन्‍न होते हैं और उनकी जातक पर कृपा बरसती है। कहा जाता है क‍ि नागपंचमी के द‍िन अगर श्रद्धालु सोने, चांदी और तांबे के नाग बनवाकर श‍िव मंदिर में चढ़ाकर ब्राह्मण को दान दें तो उन्‍हें सर्प भय नहीं सताता। साथ ही स्‍वर्गलोक की प्राप्ति होती है।


Source: Navbharat Times July 24, 2020 10:07 UTC



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