पुंड ने अपनी रिसेप्शनिस्ट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अस्पताल के मरीजों का गोपनीय डेटा अवैध रूप से साझा कर रही थी। जांच के दौरान पता चला कि रिसेप्शनिस्ट महिला, याचिकाकर्ता डॉ. उत्पल बांधेकर के संपर्क में थी और वाट्सएप व ई-मेल के जरिए मरीजों की जानकारी उन्हें भेज रही थी। इसके बदले में डॉ. उत्पल उसे कमीशन दे रहे थे, जो रिसेप्शनिस्ट के पति के खाते में जमा की जाती थी।कोर्ट में दी गई दलीलेंडॉ. उत्पल लगातार रिसेप्शनिस्ट के संपर्क में थे और उन्होंने जान-बूझकर मरीजों को अपने क्लिनिक की ओर मोड़कर डॉ. पुंड को आर्थिक नुकसान पहुंचाया और खुद लाभ कमाया।कोर्ट का फैसलाकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि हालांकि डॉ.
Source: Dainik Bhaskar April 02, 2026 19:16 UTC