Nagpur News डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर यात्रियों के लगेज गायब होने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। हालात ऐसे हैं कि “यात्री अपने लगेज की रक्षा स्वयं करें” जैसे बोर्ड अब महज औपचारिकता नहीं, बल्कि यात्रियों की मजबूरी बन गए हैं। खासकर इंडिगो से सफर करने वाले यात्रियों के बैग गंतव्य तक नहीं पहुंच रहे। शिकायत दर्ज कराने के बाद भी यात्रियों को समय पर जानकारी नहीं मिल रही और न ही उनका सामान वापस मिल पा रहा है। कई मामलों में प्रॉपर्टी इररेगुलैरिटी रिपोर्ट तक जारी नहीं की गई। शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने से यात्री इंडिगो के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।लगेज नागपुर में ही रह गयासोमलवाड़ा निवासी 29 वर्षीय अनिकेत चौधरी पेशे से वकील हैं। बुधवार सुबह इंडिगो की फ्लाइट से नागपुर से दिल्ली रवाना हुए। सुबह 8:35 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट समय पर लैंड हुई। वे लगेज बेल्ट पर करीब आधे घंटे तक इंतजार करते रहे, लेकिन उनका बैग नहीं आया। काउंटर पर पूछताछ करने पर बताया गया कि नागपुर से उनका चेक-इन बैगेज लोड ही नहीं हुआ। उन्होंने तुरंत शिकायत दर्ज कराई। देर शाम तक उन्हें प्रॉपर्टी इररेगुलैरिटी रिपोर्ट की प्रति भी उपलब्ध नहीं कराई गई। अनिकेत का आरोप है कि नागपुर स्थित इंडिगो की बैगेज टीम कॉल तक रिसीव नहीं कर रही, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।डलास तक नहीं पहुंचा लगेजपेशे से इंटीरियर डिजाइनर 42 वर्षीय प्रियंका गुप्ता डलास (अमेरिका) में रहती हैं। रिश्तेदार की शादी में शामिल होने नागपुर आई थीं। 17 फरवरी को वे नागपुर से दिल्ली होते हुए डलास के लिए रवाना हुईं। दिल्ली में ट्रांजिट के दौरान उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। डलास पहुंचने पर जब उन्होंने बैगेज बेल्ट पर इंतजार किया तो उनका सामान नहीं आया। जांच करने पर पता चला कि उनका बैग नागपुर से फ्लाइट में लोड ही नहीं किया गया था। प्रियंका ने बताया कि बैग में शादी से जुड़ा कीमती सामान, कपड़े और जरूरी दस्तावेज थे। विदेश पहुंचने के बाद बिना सामान के उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। उन्होंने इसे एयरलाइन की गंभीर लापरवाही बताते हुए जल्द कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है।मुंबई में सामान ही नहीं आयामनीष नगर निवासी अजय कुमार सिंह इंडिगो की फ्लाइट से नागपुर से मुंबई गए। फ्लाइट निर्धारित समय पर मुंबई पहुंची। उनका लगेज बेल्ट पर नहीं आया। करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बाद उन्होंने इंडिगो काउंटर पर संपर्क किया। जांच में सामने आया कि उनका बैग नागपुर एयरपोर्ट पर ही छूट गया और मुंबई की फ्लाइट में लोड नहीं हुआ। अजय ने तुरंत पीआईआर दर्ज कराई, लेकिन कई घंटों बाद भी उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि उनका सामान कब तक मिलेगा। उनका कहना है कि बैग में जरूरी ऑफिस दस्तावेज और कपड़े थे। अचानक इस स्थिति से उन्हें मीटिंग्स में असुविधा और अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ा।इंडिगो ने साधी चुप्पी : लगातार बढ़ती शिकायतों के बावजूद इंडिगो के स्थानीय अधिकारियों ने इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।क्या कहते हैं नियम : नियमों के अनुसार, चेक-इन लगेज की जिम्मेदारी एयरलाइन कंपनी की होती है। बैग गुम या देरी होने की स्थिति में यात्री को तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। डीजीसीए के प्रावधानों के तहत 21 दिन तक बैग नहीं मिलने पर मुआवजा देय होता है। घरेलू उड़ानों में करीब 20 हजार रुपये तक और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में निर्धारित मानकों के अनुसार अधिक मुआवजा मिलता है। हालांकि, लगातार सामने आ रही घटनाओं ने एयरलाइन की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों की मांग है कि जिम्मेदारी तय कर ठोस कार्रवाई की जाए।
Source: Dainik Bhaskar February 24, 2026 12:32 UTC