Nagpur News महानगरपालिका की विशेष आमसभा में मंगलवार को भाजपा से महिला राज के नाम समिति में मनोनयन को लेकर भीतरी असंतोष नजर आया है। कई वरिष्ठ और पुरुष नगरसेवकों ने अपने-अपने इलाके और वरिष्ठता की अनदेखी होने का आरोप लगाया गया है। ऐसे में सभा के दौरान और बाद में भी खुलकर अपना विरोध भाजपा के नगरसेवक जताते रहे हैं। सभापति के नाम की घोषणा के दौरान वरिष्ठ महिला नगरसेवकों ने भी नाराजगी जताई। हालांकि सभा के समाप्त होने के बाद पहुंचे भाजपा शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने महिला राज के एजेंडे को सफल रूप में क्रियान्वित कर शहर में विकास को प्राथमिकता देने की प्रतिक्रिया देकर लीपापोती करने का प्रयास किया।विपक्षी सदस्यों का भी समावेशभाजपा द्वारा घोषित महिला राज नीति के तहत स्थायी समिति में 11 महिला सदस्यों को स्थान दिया गया है। इनमें से पहली मर्तबा की नगरसेवक शिवानी दाणी, स्विटी भिसीकर, विशाखा मोहोड़, ममता ठाकुर, शीतल राराेकार, मानसी शिंगले, प्रमिला गौड़, निरंजना पाटील, साधाना बर्डे, सानवी तश्रड़कर और अभिरुचि राजगिरे का समावेश है। दूसरी ओर विपक्षी दल से पांचों सदस्यों में से 4 पुरुष और 1 महिला नगरसेवक को शामिल किया गया है। नागपुर महाविकास आघाड़ी-शिवसेना उबाठा गठबंधन से 4 स्थान में पहली मर्तबा के फायरब्रांड नगरसेवक वसीम खान अब्दुल रहीम, अभिजीत झा, अभिषेक शंभरकर और मारिस्टेला देवा उसरे को स्थायी समिति में शामिल किया गया है। मुस्लिम बहुजन विकास आघाड़ी और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग गठबंधन से असलम रशीद खान को स्थान मिला है।समितियों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाएमहानगरपालिका में कुल 151 में से 102 सदस्यों के साथ भाजपा सत्ताधारी दल बन गई है। भाजपा से 2029 के विधानसभा चुनाव में महिला आरक्षण लागू होने की कवायद के रूप में स्थायी समिति समेत सभी विषय समिति में महिला नगरसेवकों को शामिल किया गया है। महिला राज के नाम पर खासी अनदेखी करने का आरोप लग रहा है। पूर्व स्थायी समिति सभापति और वरिष्ठ नगरसेवक वीरेन्द्र उर्फ विक्की कुकरेजा ने उत्तर नागपुर विधानसभा क्षेत्र की अनदेखी होने का सीधा आरोप लगाया है। विक्की कुकरेजा के मुताबिक साल 2017 के मनपा चुनाव में उत्तर नागपुर से 12 नगरसेवक निर्वाचित हुए थे। इस मर्तबा इलाके से 9 नगरसेवक निर्वाचित होकर आए हैं। ऐसे में इस इलाके में ध्यान देते हुए समिति में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देते हुए सभापति पद को दिया जाना चाहिए था, लेकिन नाममात्र प्रतिनिधित्व में समिति सदस्य का झुनझुना थमा दिया गया।सर्वसम्मति से सभी फैसलेपार्टी के भीतर महिलाओं को प्राथमिकता से अवसर देने का फैसला सर्वसम्मति से किया गया है। पूर्व में 25 सीट जीतने के बाद भी विविध समिति में केवल दो स्थान मिल पाएं है। पांच साल तक सभी को अवसर देने के लिए फैसला किया गया है। ऐसे में उत्तर नागपुर की अनदेखी के आरोप बेबुनियाद है। -दयाशंकर तिवारी, अध्यक्ष, शहर भाजपा
Source: Dainik Bhaskar February 25, 2026 21:26 UTC