Nagpur News राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विद्यापीठ की सिनेट बैठक शुक्रवार को अखाड़ा बन गई। शीतसत्र परीक्षाओं के परिणामों में हो रही अत्यधिक देरी और मार्कशीट की गंभीर त्रुटियों को लेकर सदस्यों ने प्रशासन को घेरा। आलम यह है कि कुल 1,193 परीक्षाओं में से अब तक केवल 352 के परिणाम घोषित हुए हैं, जबकि 841 (लगभग 70%) नतीजे अब भी लंबित हैं। सदस्य डॉ. मनाली क्षीरसागर की अध्यक्षता में आयोजित सिनेट बैठक में सदस्य डॉ. मनमोहन बाजपेयी और विष्णु चांगदे ने परीक्षा के परिणाम घोषित करने में हो रही देरी को लेकर सवाल उठाए। चर्चा के दौरान कई छात्रों की मार्कशीट में गंभीर गड़बड़ियों का मुद्दा भी सामने आया। बताया गया कि, मार्कशीट में प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों के एनरोलमेंट नंबर ही दर्ज नहीं हैं। लिखित परीक्षा पहले और प्रैक्टिकल बाद में होने से कई मार्कशीट में प्रैक्टिकल के अंक ही गायब हैं।बिना आईकार्ड परीक्षा देनी पड़ी : डॉ. चिमणकर ने बताया कि, कई छात्रों को बिना आईकार्ड के ही परीक्षा देनी पड़ी। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार करने तथा आगामी ग्रीष्मकालीन परीक्षाएं और उनके परिणाम सुचारू रूप से घोषित करने की मांग विद्यापीठ प्रशासन से की।डेटा की कमी बनी रोड़ा : हंगामे के बीच कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर ने स्वीकार किया कि, परिणामों में देरी का मुख्य कारण पिछला डेटा उपलब्ध नहीं होना है। उन्होंने बताया कि, पिछली कंपनी ‘प्रोमार्क' से आवश्यक डिविजनल और रिवैल्यूएशन डेटा नहीं लेना एक बड़ी चूक थी। नई कंपनी को चेतावनी देने के बावजूद वह समय पर परिणाम देने में विफल रही है।
Source: Dainik Bhaskar March 14, 2026 14:00 UTC