Nagpur News स्मार्ट सिटी के माध्यम से शहर के पारडी, भरतवाड़ा और पूनापूर क्षेत्र में क्षेत्र आधारित विकास (एरिया बेस्ड डेवलपमेंट) किया गया था। 31 दिसंबर को स्मार्ट सिटी के समाप्त होने के बाद 31 मार्च तक विविध विकास काम मनपा को हस्तांतरित किए जाने थे, लेकिन अब भी 4 काम पूरे नहीं हो पाए हैं। इन कामों की करीब 20 करोड़ रुपए की निधि भी बचत खाते में पड़ी हुई है। इस निधि को मनपा के डीपीडीसी विभाग को सौंपकर चारों कामों को पूरा करने की मांग विधायक कृष्णा खोपड़े ने की थी। मनपा आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी की मान्यता पर चारों काम अब मनपा के डीपीडीसी (जिला नियोजन एवं विकास समिति) विभाग को सौंप दिए गए हैं। टेंडर प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है। इन कामों के हस्तांतरण से अब स्मार्ट सिटी पर पूरी तरह से पूर्ण विराम लग गया है।मार्च तक पूरा नहीं होने के चलते बदलाव : तकनीकी तौर पर स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट को 31 मार्च तक महानगरपालिका को हस्तांतरण करना है, लेकिन करीब 20 करोड़ रुपए की बचत से प्रस्तावित कामों को स्मार्ट सिटी के माध्यम से मार्च तक पूरा नहीं किया जा सकता था। ऐसे में विधायक कृष्णा खोपड़े के निवेदन पर मनपा आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी ने मनपा के डीपीडीसी विभाग को सौंपा है।प्रस्तावित काम : नाग नदी पर पुल पारडी- 5.53 करोड़ { 2 सीमेंट रोड पारडी और भरतवाड़ा-4.58 करोड़ { नाग नदी पर भरतवाड़ा के दुर्गा नगर परिसर में सुरक्षा दीवार-4.39 करोड़ { पूनापूर में खुले भूखंड पर सुरक्षा दीवार और पाथ वे-1.18 करोड़।बोर्ड बैठक में फैसला : स्मार्ट सिटी के सभी प्रोजेक्ट को मनपा को हस्तांतरण करना है, हालांकि अब तक कोई भी समय सीमा का निर्धारण नहीं हुआ है। ऐसे में स्मार्ट सिटी की बचत की निधि से प्रस्तावित कामों को मनपा प्रशासन से ही कराने का स्मार्ट सिटी के संचालक मंडल से नवंबर माह में फैसला लिया गया है। -वसुमना पंत, मुुख्य कार्यकारी अधिकारी, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टजानें...खास बातें : साल 2016 में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में उपराजधानी को शामिल किया गया था। उपरोक्त प्रोजेक्ट के लिए जून 2021 तक समय सीमा तय की गई थी, लेकिन देरी होने के चलते पहली बार जून 2023, दूसरी बार जून 2024 और तीसरी बार मार्च 2025 तक समय सीमा बढ़ाई गई।प्रोजेक्ट में केंद्र सरकार से 741.63 करोड़ की निधि मिली थी। प्रोजेक्ट को दो प्रमुख घटक में बांटा गया था। पहले घटक में 524 करोड़ से 17 सुविधाओं के साथ स्मार्ट और सेफ सिटी प्रोजेक्ट का समावेश था।इस घटक में 3600 सीसीटीवी के साथ दो कमांड और कंट्रोल सेंटर, दूसरे घटक में 741.62 करोड़ से क्षेत्र अनुसार विकास का समावेश था। क्षेत्र निहाय विकास (एरिया बेस्ड डेवलपमेंट) में पूर्व नागपुर में पारडी भरतवाड़ा, भांडेवाड़ी और पूनापूर के 1,743 एकड़ क्षेत्र को विकसित किया गया।सीएम ने 400 करोड़ दिए थे : स्मार्ट और सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत सीसीटीवी निगरानी, केन्द्रीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर पूरा हो चुका है। इस परियोजना के लिए निधि बढ़ने पर राज्य सरकार से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 400 करोड़ दिए थे। राज्य के नगरविकास विभाग से स्मार्ट सिटी के सभी प्रोजेक्ट को मनपा को 31 मार्च को हस्तंातरण करने का आदेश मिला है।
Source: Dainik Bhaskar February 20, 2026 06:38 UTC