New Delhi News. राष्ट्रीय राजधानी स्थित ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की प्रधान पीठ ने पुणे जिले में कथित अवैध पत्थर खनन और पर्यावरणीय उल्लंघनों से संबंधित याचिका को वापस लेने की अनुमति दे दी। यह शिकायत अरविंद दुबे द्वारा एनजीटी के पब्लिक ग्रिवेंस पोर्टल पर दर्ज कराई गई थी। शिकायत में अंबाले गांव, मावल तालुका, पुणे जिला में संचालित कई स्टोन क्रशरों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन और पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था।न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी (न्यायिक सदस्य) और डॉ. सेंथिल वेल (विशेषज्ञ सदस्य) की पीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि शिकायत में कथित उल्लंघनों, संबंधित पक्षों और पर्यावरणीय प्रश्नों के बारे में पर्याप्त विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस पर आवेदक ने याचिका वापस लेने और आवश्यक तथ्य, दस्तावेज तथा संबंधित पक्षों को शामिल करते हुए एनजीटी पश्चिमी क्षेत्रीय पीठ, पुणे के समक्ष नई याचिका दायर करने की अनुमति मांगी।ट्रिब्यूनल ने आवेदन को वापस लिया हुआ मानते हुए याचिका खारिज कर दी और आवेदक को नई याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता प्रदान की। साथ ही, ट्रिब्यूनल ने आवेदक को महाराष्ट्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर कानूनी सहायता प्राप्त करने की सलाह दी। आदेश की एक प्रति संबंधित प्राधिकरण को भी भेजने का निर्देश दिया गया है।
Source: Dainik Bhaskar March 10, 2026 13:00 UTC