निपाह वायरस से संक्रमित मरीजों में मृत्य दर 40 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक हो सकता है, जो काफी ज्यादा है। वायरस का बेसिक रिप्रोडक्शन नंबर, जो एक प्राइमरी केस से होने वाले सेकेंडरी इन्फेक्शन की अनुमानित संख्या है, आमतौर पर एक से कम है। इससे पता चलता है कि यह वायरस इंसान से इंसान में सिर्फ सीमित तरीके से फैलता है और इसके बड़े पैमाने पर महामारी बनने की संभावना कम है।लेखक के बारे में अभिजात शेखर आजाद अभिजात शेखर आजाद नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है। वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics), वैश्विक कूटनीति (Global Diplomacy) और रक्षा रणनीति (Defense Strategy) के विशेषज्ञ माने जाते हैं।अभिजात ने अपने करियर में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व (Middle East) के भू-राजनीतिक संकटों का सूक्ष्म विश्लेषण किया है। उनकी विशेषज्ञता केवल समाचार रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जटिल अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भारतीय दर्शकों के लिए सरल और प्रभावी ढंग से समझाने के लिए जाने जाते हैं।प्रमुख उपलब्धियां और विशेषज्ञता:रक्षा और सैन्य विश्लेषण: राफेल डील से लेकर अत्याधुनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी और वैश्विक शक्ति संतुलन पर सैकड़ों विश्लेषणात्मक लेख।चुनाव कवरेज: कई भारतीय लोकसभा चुनावों और प्रमुख वैश्विक चुनावों की ग्राउंड और संपादकीय रिपोर्टिंग।पुरस्कार: पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए दो बार प्रतिष्ठित ENBA अवार्ड से सम्मानित।इंटरव्यू: वैश्विक नीति निर्माताओं, पूर्व राजनयिकों और रक्षा विशेषज्ञों के साथ विशेष संवाद।अभिजात का लक्ष्य वैश्विक घटनाओं के पीछे छिपे 'असली कारणों' को उजागर करना है, ताकि पाठक केवल खबर न पढ़ें, बल्कि उसके दूरगामी प्रभावों को भी समझ सकें।... और पढ़ें
Source: Navbharat Times January 31, 2026 08:06 UTC