Nonuplets: माली की महिला ने दिया रेकॉर्ड 9 बच्‍चों को जन्‍म, अस्‍पताल से सामने आईं अद्भुत तस्‍वीरें - News Summed Up

Nonuplets: माली की महिला ने दिया रेकॉर्ड 9 बच्‍चों को जन्‍म, अस्‍पताल से सामने आईं अद्भुत तस्‍वीरें


​नौ बच्‍चों को जन्‍म देना दुनिया में अपने आप में दुर्लभ घटना डॉक्‍टरों ने बताया कि महिला का सिजेरियन विध‍ि प्रसव कराया गया है। बताया जा रहा है कि बच्‍चों का तो जन्‍म हो गया है लेकिन अभी महिला को अगले कई सप्‍ताह तक अस्‍पताल में रहना पड़ सकता है। माली की स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री फांता सिबी ने कहा कि हैवी ब्‍लीडिंग और ब्‍लड ट्रांसफ्यूजन के बाद हलीमा का स्‍वास्‍थ्‍य अब बेहतर है। हलीमा के पति अभी माली में ही हैं। प्रसव से पहले हलीमा को माली की राजधानी बमाको के अस्‍पताल में दो सप्‍ताह के लिए भर्ती कराया गया था। इसके बाद बेहतर देखरेख के लिए माली की सरकार ने उन्‍हें मोरक्‍को भेज दिया था। बताया जा रहा है कि ये बच्‍चे समय से पहले ही हो गए हैं। हलीमा का नौ बच्‍चों को जन्‍म देना दुनिया में अपने आप में दुर्लभ है। अब पूरे विश्‍व में तीसरा ऐसा मामला है। इससे पहले ऑस्‍ट्रेलिया और मलेशिया में महिलाओं ने 9 बच्‍चों को जन्‍म दिया था। हालांकि इन बच्‍चों की जन्‍म के कुछ समय बाद ही मौत हो गई थी।​हलीमा के नौ बच्‍चे जिंदा बच जाते हैं तो बनेगा विश्‍व रेकॉर्ड अगर हलीमा के नौ बच्‍चे जिंदा बच जाते हैं तो वह रेकॉर्ड कायम करेंगी। इससे पहले वर्ष 2009 में नाद्या सुलेमान ने 8 बच्‍चों को जन्‍म दिया था और वे सभी जिंदा बच गए थे। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने बताया कि करीब 30 सप्‍ताह के बच्‍चे 39.9 सेंटीमीटर के हैं। मोरक्‍को के अस्‍पताल की ओर से जारी अद्भुत वीडियो में ये सभी बच्‍चे डॉक्‍टरों और नर्सों की निगरानी में हैं। अस्‍पताल में उनका पूरा ख्‍याल रखा जा रहा है ताकि बच्‍चों का जीवन बच सके। हलीमा को प्रसव से ठीक पहले व‍िमान के जरिए मोरक्‍को पहुंचाया गया था। हलीमा का प्रसव कराने वाले डॉक्‍टर याजिद मुराद ने कहा कि सभी बच्‍चे करीब 30 सप्‍ताह के हैं। उन्‍होंने कहा कि यह प्रयास किया गया कि प्रसव देरी से हो ताकि बच्‍चों के जिंदा बचने की संभावना बढ़ जाए। उन्‍होंने कहा कि ये बच्‍चे 25 सप्‍ताह पर ही होने वाले थे लेकिन हमारे प्रयासों से वे 5 सप्‍ताह और अपनी मां के पेट में रहे। इससे उनके जिंदा रहने की संभावना अब काफी बढ़ गई है।​'30 सप्‍ताह के बच्‍चों के ज‍िंदा बचने की संभावना 80 प्रतिशत' डॉक्‍टर मुराद ने कहा कि आमतौर पर जो बच्‍चे 30 सप्‍ताह के आसपास पैदा होते हैं और उन्‍हें सही इलाज दिया जाता है तो उनके जिंदा बचने की संभावना 80 प्रतिशत तक होती है। उन्‍होंने कहा, 'मुझे भरोसा नहीं था कि 25 सप्‍ताह में पैदा होने पर सभी बच्‍चे जिंदा बचेंगे या नहीं, इसलिए 5 सप्‍ताह का समय प्रसव के लिए और बढ़ाया गया। इससे पहले माली की सरकार ने 25 साल की हलीमा सिस्‍से को बेहतर देखरेख के लिए 30 मार्च को मोरक्‍को भेजा था। अब तक 6 बच्‍चों के एक साथ सफलतापूर्वक जन्‍म देने की घटना को दुर्लभ माना जाता था लेकिन अब महिला ने 9 बच्‍चों को जन्‍म दिया है। हलीमा के साथ माली के एक डॉक्‍टर भी गए हैं और वह पल-पल की जानकारी दे रहे हैं। माली की स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सिबी ने माली और मोरक्‍को की स्‍वास्‍थ्‍य टीम को इस सफल अभियान के लिए बधाई दी है।


Source: Navbharat Times May 06, 2021 05:58 UTC



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