Pune City News: कनेक्टिविटी और तकनीक के दम पर पुणे भरेगा ऊंची उड़ान - News Summed Up

Pune City News: कनेक्टिविटी और तकनीक के दम पर पुणे भरेगा ऊंची उड़ान


भास्कर न्यूज, पुणे। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 में पुणे शहर और जिले के लिए विकास के नए द्वार खुलते नजर आ रहे हैं। बजट में पुणे मेट्रो के विस्तार के लिए 517 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, साथ ही बजट में मुंबई-पुणे और पुणे-हैदराबाद के बीच हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है। बजट में बुनियादी ढांचे, तेज परिवहन और आधुनिक तकनीक पर विशेष जोर दिया गया है, जिसका सीधा फायदा पुणे की अर्थव्यवस्था और यहां के नागरिकों को मिलेगा।केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट पेश किया। बजट से पुणे के लिए विशेष घोषणाओं की बड़ी उम्मीदें थीं। पुणे महानगर क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देने के लिए पुणे ग्रोथ हब को अगले पांच साल में 5,000 करोड़ रुपए की निधि मिलेगी। इससे क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा। पुणेकरों के लिए इस बजट की सबसे बड़ी खुशखबरी परिवहन क्षेत्र से आई है। केंद्र सरकार ने देश में जिन सात नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है, उनमें मुंबई-पुणे और पुणे-हैदराबाद कॉरिडोर भी शामिल हैं। इससे पुणे और मुंबई के बीच का सफर चंद मिनटों का रह जाएगा, वहीं हैदराबाद के साथ व्यापारिक और व्यक्तिगत कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी।कम से कम पांच साल लगेंगे मुंबई-पुणे कॉरिडोर बनने मेंमुंबई-पुणे के बीच अभी ज्यादातर हिस्सों में दोहरी रेल लाइन उपलब्ध है। ट्रेनों के बढ़ते दबाव के कारण इस हिस्से में तीसरी और चौथी लाइन बिछाकर इसे हाई-स्पीड कॉरिडोर में बदला जाएगा। वर्तमान में पुणे से मुंबई के सफर में लगभग तीन घंटे का समय लगता है। पुराना रेल मार्ग, गहरी खाइयों और बड़ी घाटियों वाले दुष्कर रूट के कारण अभी ट्रेनों को 28 किलोमीटर लंबे लोनावला से कर्जत रूट पर सीमित गति से चलाना पड़ता है। हाई स्पीड कॉरिडोर बनने के बाद यह बाध्यता खत्म हो जाएगी। रेल मार्ग पर नई सुरंगें भी बनाना पड़ेंगी, जो काफी समय खपाने वाला काम है। जानकारों का कहना है कि मुंबई-पुणे और पुणे-हैदराबाद हाई स्पीड कॉरिडोर बनने में कम से कम पांच साल तक का वक्त लगेगा। जमीन अधिग्रहण, पर्यावरण अनुमति, टेंडर और निर्माण में इतना समय लगना तय है।इसलिए पुणे केंद्र में- वित्त मंत्री ने जिन सात हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है, उनमें से पांच का फायदा भौगोलिक स्थिति के कारण सीधे तौर पर पुणे को मिलेगा। मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, बेंगलुरु-चेन्नई आपस में जुड़े रहेंगे। इस तरह पुणे को मुंबई और हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई के लिए हाई स्पीड ट्रेन मिल सकेंगी।- वर्तमान में दुष्कर हिस्सों को छोड़कर ज्यादातर रूट पर 130 से 140 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पैसेंजर ट्रेन चलती हैं, लेकिन हाई स्पीड कॉरिडोर बनने के बाद यह गति बढ़ाकर 180 से 200 किमी प्रति घंटा तक की जा सकेंगी।- तिहरी और चौथी लाइन बिछने से माल परिवहन में भी आसानी होगी और उसकी गति बढ़ सकेगी। इस तरह पैसेंजर और फ्रेट, दोनों तरह की ट्रेनों को इसका फायदा होगा। जिन शहरों को हाई स्पीड कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा, वे सभी विकास में देश के अग्रणी शहर हैं। इस तरह सरकार इन शहरों को मजबूत और तेज कनेक्टिविटी देने की दिशा में काम कर रही है।पुणे मेट्रो विस्तार के लिए 517 करोड़ रुपए का प्रावधानबजट में महाराष्ट्र को मिली सौगातों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि पुणे मेट्रो के चल रहे प्रोजेक्ट्स और उनके विस्तार के लिए बजट में 517 करोड़ रुपए का वित्तीय प्रावधान किया गया है। इस कारण पिंपरी चिंचवड़ मनपा (पीसीएमसी) से निगड़ी और स्वारगेट से कात्रज (भूमिगत) तक मेट्रो लाइनों पर काम अब गति पकड़ेगा। इसके अलावा सड़क परिवहन मंत्रालय के लिए बढ़ाए गए बजट आवंटन से पुणे जिले से संबंधित महत्वपूर्ण राजमार्गों और रिंग रोड के काम को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी।सेमीकंडक्टर और आईटी कंपनियों को होगा सीधा फायदापुणे महानगर की गणना देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में होने के कारण केंद्र सरकार के 'सिटी इकोनॉमिक रीजन' विकसित करने की नीति का पुणे को बड़ा लाभ होगा। इससे शहर के आसपास नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास होगा। साथ ही बजट में सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए आवंटित 40 हजार करोड़ रुपए का सीधा लाभ पुणे की इलेक्ट्रॉनिक और आईटी कंपनियों का मिलेगा। इससे शहर में उच्च तकनीक वाले रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। बजट में डेटा सेंटर हब विकसित करने की घोषणा से हिंजवड़ी और मगरपट्टा जैसे आईटी क्षेत्रों में नई ग्लोबल कंपनियों के आने का रास्ता साफ हुआ है।जिले के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को मिलेगी संजीवनीपुणे जिला सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का गढ़ है। उद्योगों के लिए बजट में घोषित 10 हजार करोड़ रुपए के ग्रोथ फंड का चाकण, भोसरी और हडपसर बेल्ट के छोटे उद्यमियों के लिए व्यवसाय विस्तार और तकनीक अपग्रेड करने में मददगार साबित होगा। पुणे शहर में स्थित सीरम इंस्टिट्यूट और अन्य दवा कंपनियों के कारण पुणे वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य क्षेत्र में अग्रणी है। बजट में 'बायोफार्मा' क्षेत्र के लिए किए गए विशेष प्रावधानों से पुणे में अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा मिलेगी।


Source: Dainik Bhaskar February 02, 2026 15:32 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */