Pune City News: चुनाव के लिए 13500 बैलेट यूनिट और 4500 कंट्रोल यूनिट की जरूरत - News Summed Up

Pune City News: चुनाव के लिए 13500 बैलेट यूनिट और 4500 कंट्रोल यूनिट की जरूरत


भास्कर न्यूज, पुणे। मनपा चुनाव सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। चुनाव विभाग के प्रमुख प्रसाद काटकर ने जानकारी दी है कि चुनाव प्रक्रिया के लिए कुल 4500 कंट्रोल यूनिट और 13500 बैलेट यूनिट की आवश्यकता होगी। मशीनों की प्रथमस्तरीय जांच (एफएलसी) सोमवार को की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया के दौरान किसी मशीन में तकनीकी खराबी या त्रुटि पाई जाती है, तो उसे तुरंत अलग कर दिया जाएगा।ऐसी स्थिति में राज्य चुनाव आयोग से अतिरिक्त ईवीएम मशीनों की मांग चुनाव विभाग करेगा ताकि मतदान के दिन किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। पुणे मनपा चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है। मनपा चुनाव में 41 वार्डों की 165 सीटों के लिए रिकॉर्ड 3059 नामांकन पत्र दाखिल हुए थे। आवेदनों की छानबीन और नामांकन वापसी के बाद 165 सीटों के लिए 1165 नामांकन ही बचे हैं। इनमें सनसिटी-माणिकबाग वार्ड की दो सीट के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। अब मनपा की 163 सीटों के लिए कुल 1163 उम्मीदवार मैदान में हैं। मनपा चुनाव में इस साल उम्मीदवारों की संख्या अपेक्षा से कहीं अधिक होने के कारण प्रशासन के सामने नियोजन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवारों की संख्या को देखते हुए मतदान प्रक्रिया के लिए आवश्यक ईवीएम मशीनों की संख्या भी बढ़ गई है।पिछले चुनाव में लगी थीं नौ हजार मशीनपिछले मनपा चुनाव में लगभग 9 हजार ईवीएम मशीन पर्याप्त रही थीं। हालांकि, इस साल कई वार्डों में उम्मीदवारों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। कुछ वार्डों में 40 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे एक मतदान केंद्र पर चार या उससे अधिक ईवीएम मशीनें लगाने की जरूरत पड़ेगी। मनपा चुनाव विभाग के प्रमुख प्रसाद काटकर ने बताया कि मनपा चुनाव के लिए सभी 41 वार्डों के लिए कुल 4500 कंट्रोल यूनिट और 13500 बैलेट यूनिट की आवश्यकता है। उसी के तहत ईवीएम मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। पिछले चुनाव की तुलना में करीब साढ़े चार हजार अतिरिक्त मशीनों की आवश्यकता पैदा हुई है।आज से शुरू होगी एफएलसी प्रक्रियाप्रसाद काटकर ने बताया कि चुनाव में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम मशीनों जांच और कार्यक्षमता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। उसी के तहत सोमवार से एफएलसी प्रक्रिया शुरू होगी। प्रक्रिया में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लि. के इंजीनियरों की देखरेख में मशीनों की तकनीकी जांच की जाती है। उस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी उपस्थित रहने की अनुमति दी जाती है ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। काटकर ने कहा कि हमारा लक्ष्य पारदर्शी और निर्बाध मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। मशीनों की पर्याप्त उपलब्धता और उनकी सही स्थिति की जांच चुनाव पूर्व तैयारियों का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।


Source: Dainik Bhaskar January 05, 2026 21:28 UTC



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