Pune City News: चौड़ी सड़कों से जाम तक शहर की रफ्तार पर लगा ब्रेक - News Summed Up

Pune City News: चौड़ी सड़कों से जाम तक शहर की रफ्तार पर लगा ब्रेक


भास्कर न्यूज, संतोष मिश्रा। कभी चौड़ी सड़कों, विशाल फ्लाईओवर और सुचारु यातायात के लिए पहचाने जाने वाले पिंपरी चिंचवड़ शहर में आज ट्रैफिक जाम सबसे गंभीर नागरिक समस्या बन चुका है। अर्बन स्ट्रीट के नाम पर सड़कों का संकरीकरण, लगातार बढ़ती वाहन संख्या, बीआरटी की बदहाल स्थिति, पार्किंग की भारी कमी और विकास कार्यों के नाम पर बार-बार होने वाली खुदाई ने शहर की रफ्तार थाम दी है। स्थिति यह है कि कई प्रमुख चौकों को पार करने के लिए नागरिकों को तीन-तीन बार रेड सिग्नल पर रुकना पड़ रहा है। लगभग 181 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस औद्योगिक शहर की जनसंख्या लगभग 30 लाख के करीब पहुंच चुकी है, जबकि वाहनों की संख्या 25 लाख के पार जा चुकी है। आरटीओ से प्राप्त आंकड़ों की मानें तो बीते तीन वर्षों में ही करीब साढ़े पांच लाख नए वाहन शहर की सड़कों पर उतरे हैं। इसके मुकाबले सड़क क्षमता और यातायात नियोजन में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। यातायात को सुचारु रखने के लिए मनपा द्वारा 32 पुल और फ्लाईओवर बनाए गए, लेकिन मौजूदा हालात में वे भी जाम से राहत नहीं दिला पा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भी अर्बन स्ट्रीट, सड़कों की बदहाली और चरमराई यातायात व्यवस्था पर सवाल उठाये थे। नागरिक सवाल कर रहे हैं कि चौड़ी सड़कों वाला शहर आखिर जाम में कैसे फंस गया? अर्बन स्ट्रीट, बीआरटी और ट्रैफिक सुधार योजनाओं का लाभ कब मिलेगा? - अर्बन स्ट्रीट बना ‘अर्बन जाम’मनपा प्रशासन द्वारा पुणे–मुंबई महामार्ग पर पिंपरी से चिंचवड़ के बीच अर्बन स्ट्रीट डिजाइन लागू किया गया। इसके तहत सड़कें संकरी कर दी गईं और फुटपाथ व साइकिल ट्रैक चौड़े किए गए। लेकिन खंभे, सीमेंट ब्लॉक और अन्य अवरोधों ने सड़कों की चौड़ाई और कम कर दी। परिणामस्वरूप मोरवाड़ी कोर्ट से अहिल्यादेवी होलकर चौक तक और मनपा मुख्यालय के सामने महामार्ग पर सुबह-शाम लंबी वाहन कतारें लगना अब रोजमर्रा की बात हो गई है। चौड़े फुटपाथ एवं साईकिल ट्रैक अवैध पार्किंग और अतिक्रमणों का शिकार बन गई हैं। पुणे- मुंबई हाइवे की सेवा सड़कों यानी सर्विस रोड के एक तरफ महामेट्रो के पुल और मनपा की पाइपलाइन के कार्य जारी हैं। उसी क्षेत्र में मेट्रो स्टेशन भी स्थित है। इन सभी अधूरे और समांतर चल रहे कार्यों ने यातायात जाम को और गंभीर बना दिया है। चौक सुधार (जंक्शन इम्प्रूवमेंट) के नाम पर किए गए कई प्रयोग उलटे साबित हुए। मोरवाड़ी में किए गए प्रयोगों को नागरिकों के तीव्र विरोध के चलते वापस लेना पड़ा।- ये हैं शहर के सबसे जामग्रस्त इलाकेभारतमाता चौक, देहू फाटा, चिखली चौक, त्रिवेणीनगर, डांगे चौक, वाकड़ चौक, भूमकर चौक, फिनिक्स मॉल परिसर, नाशिक फाटा, भोसरी बस स्टैंड, तलवड़े चौक, पुनावले और ताथवड़े अंडरपास, थरमैक्स चौक, फिनोलेक्स चौक, दापोडी, मोरवाड़ी, गणेशनगर—इन सभी स्थानों पर रोजाना भारी ट्रैफिक जाम देखने को मिलता है। यातायात नियंत्रण के लिए मनपा ने 80 स्थानों पर सशुल्क पार्किंग (पे-एंड-पार्क) लागू करने का निर्णय लिया था। लेकिन राजनीतिक विरोध, अधिकारियों की उदासीनता, पुलिस का असहयोग और अवैध पार्किंग पर कार्रवाई से बचने की प्रवृत्ति के चलते यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। फिलहाल केवल 10 स्थानों पर इसका नाममात्र क्रियान्वयन है, जिससे सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग और जाम की समस्या और बढ़ गई है।जामग्रस्त स्थानों की पहचान कर ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर ठोस उपाय किए जा रहे हैं। सभी उपाय पूरे होने के बाद स्थिति में सुधार होगा। हालांकि सवाल यह है कि नागरिकों को वाकई में यह राहत मिलेगी या सिर्फ वादों तक सीमित रहेगी? - बापूसाहेब गायकवाड़, सह-शहर अभियंता , मनपा शहरी यातायात विभाग


Source: Dainik Bhaskar January 05, 2026 08:11 UTC



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