भास्कर न्यूज, पुणे। सिंहगढ़ रोड क्षेत्र के धायरी स्थित एक सहकारी बैंक में नकली सोना असली बताकर लाखों रुपये का कर्ज लेने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बैंक के अधिकृत स्वर्ण मूल्यांकनकर्ता और दो कर्जदारों की मिलीभगत से 7 लाख 44 हजार रुपये की आर्थिक ठगी की गई। इस मामले में लक्ष्मण उमाजी पाटिल (स्वर्ण मूल्यांकनकर्ता, निवासी आंबेगांव पठार), गणेश बाबासाहेब आदलिंग (निवासी किरकटवाड़ी) और शशिकांत संभाजी गोडगे (निवासी आंबेगांव पठार) के खिलाफ नांदेड सिटी पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। बैंक की ओर से मेघनाथ सदाशिव बोडस (63 वर्ष) ने शिकायत दर्ज कराई है।पुलिस के अनुसार, यह फर्जीवाड़ा प्रेरणा को-ऑपरेटिव्ह बैंक लि. धायरी शाखा में 28 मार्च 2025 से 25 जून 2025 के बीच हुआ। आरोप है कि बैंक के नियुक्त मूल्यांकनकर्ता लक्ष्मण पाटिल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कर्जदारों के साथ साठगांठ की।जानकारी के मुताबिक, 28 मार्च 2025 को शशिकांत गोडगे ने 76 ग्राम 760 मिलीग्राम नकली सोना गिरवी रखा। मूल्यांकनकर्ता ने उसे असली प्रमाणित कर दिया, जिसके आधार पर बैंक ने 3 लाख 44 हजार रुपये का कर्ज मंजूर किया। इसके बाद 18 जून 2025 को गणेश आदलिंग ने 80 ग्राम 500 मिलीग्राम नकली सोना गिरवी रखा। दोबारा उसे असली बताकर 4 लाख रुपये का कर्ज स्वीकृत कराया गया।इस प्रकार कुल 157 ग्राम 260 मिलीग्राम नकली सोना गिरवी रखकर 7 लाख 44 हजार रुपये का कर्ज उठाया गया। आरोपियों ने कर्ज की अदायगी नहीं की और बैंक के साथ विश्वासघात किया।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अतुल भोसले के मार्गदर्शन में पुलिस उपनिरीक्षक डी. सावंत आगे की जांच कर रहे हैं।
Source: Dainik Bhaskar February 23, 2026 10:02 UTC