Pune City News: पुत्र जन्म के बाद मां का मुंडन रोकने के लिए जनजागरण जरूरी - News Summed Up

Pune City News: पुत्र जन्म के बाद मां का मुंडन रोकने के लिए जनजागरण जरूरी


भास्कर, न्यूज। पुणे दौंड तहसील स्थित श्री रोटमलनाथ मंदिर में पुत्र जन्म के बाद मां का मुंडन करने की प्रथा के विरोध में व्यापक जनजागरण करने और ऐसी कुप्रथाओं का समर्थन करने वालों के खिलाफ अंधश्रद्धा निर्मूलन कानून के तहत कार्रवाई करने के विषय में महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की बैठक में चर्चा की गई।आयोग के पुणे स्थित विभागीय कार्यालय में आयोग की सदस्य सचिव नंदिनी आवड़े की अध्यक्षता में रोटमलनाथ मंदिर में माताओं के मुंडन की प्रथा के संबंध में बैठक आयोजित की गई। आयोग कार्यालय में स्वयंसेवी संस्था द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है कि श्री रोटमलनाथ मंदिर में पुत्र जन्म के बाद मां का मुंडन किया जाता है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रथा के माध्यम से महिलाओं के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचती है और इसके लिए उन पर दबाव डाला जाता है।प्रथा के संबंध में प्रसार माध्यमों में प्राप्त वीडियो फुटेज का अवलोकन करने पर स्पष्ट हुआ कि बच्चे के साथ मां का भी मुंडन करने की शिकायत तथ्यात्मक है। इसलिए अंधश्रद्धा निर्मूलन कानून के अंतर्गत प्रथा का समर्थन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करना आवश्यक है। बैठक में चर्चा के दौरान यह निर्णय लिया गया कि इस कुप्रथा के खिलाफ स्वयंसेवी संस्थाओं, परामर्शदाताओं और पुलिस प्रशासन के सहयोग से गांव में जनजागरण अभियान चलाया जाए।बैठक में पुलिस निरीक्षक नारायण देशमुख ने समन्वय और सकारात्मक दृष्टिकोण का उदाहरण प्रस्तुत किया। दौंड तहसील के मौजे कुसेगांव में यात्रा के दूसरे दिन लगने वाले यातायात जाम के संदर्भ में पुलिस प्रशासन द्वारा चर्चा कर उचित नियोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि इस साल ग्रामीणों द्वारा पशुहत्या पर प्रतिबंध घोषित किया गया है। साथ ही, दौंड तहसील के मौजे रोटी में मुंडन प्रथा के संदर्भ में पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर शासन आदेशों और कानून की धाराओं के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।आयोग को प्राप्त शिकायत और मुंडन प्रथा की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त करने के लिए आयोग की सदस्य सचिव नंदिनी आवड़े की अध्यक्षता में 2 जनवरी को ग्राम पंचायत मौजे रोटी में बैठक रखी गई है। इसमें तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, यवत के पुलिस निरीक्षक, बाल विकास परियोजना अधिकारी (ग्रामीण), तहसील संरक्षण अधिकारी, मौजे रोटी के सरपंच, ग्राम सेवक, मंडल अधिकारी, पटवारी, पुलिस पाटिल, आंगनवाड़ी सेविका और आशा कार्यकर्ता आदि को आवश्यक जानकारी के साथ उपस्थित रहने के निर्देश आयोग द्वारा दिए गए हैं।


Source: Dainik Bhaskar January 02, 2026 10:28 UTC



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