Pune City News: भ्रष्टाचार पर सवाल, जवाब में चुप्पी - News Summed Up

Pune City News: भ्रष्टाचार पर सवाल, जवाब में चुप्पी


भास्कर न्यूज, पिंपरी चिंचवड़। पिंपरी चिंचवड़ मनपा चुनाव से पहले शहर की राजनीति में उबाल आ गया है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार द्वारा लगाए गए गंभीर भ्रष्टाचार आरोपों के बाद भाजपा कठघरे में खड़ी नजर आ रही है। आरोपों का तथ्यात्मक जवाब देने के बजाय भाजपा नेतृत्व के विषयांतर को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस ने तीखा प्रहार किया है। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों पर चुप्पी और विषयांतर की रणनीति को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के पिंपरी चिंचवड़ शहर अध्यक्ष योगेश बहल ने कहा कि भाजपा आरोपों का जवाब देने के बजाय मुद्दों से भागने का प्रयास कर रही है, जो उसकी कमजोरी को उजागर करता है।इस संदर्भ में दैनिक भास्कर ने 5 जनवरी के अंक में 'भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बैकफुट पर सत्ताधारी भाजपा!' शीर्षक तले विश्लेषणात्मक खबर प्रकाशित की थी। पिछले सप्ताह शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन के जरिये उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भाजपा के स्थानीय नेतृत्व, खासकर विधायक महेश लांडगे का नाम लिए बिना निशाना साधते हुए कहा था कि एशिया की सबसे समृद्ध मानी जाने वाली पिंपरी चिंचवड़ मनपा को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर मनपा की जमा-पूंजी तोड़ी गई, कर्ज का बोझ बढ़ाया गया और ठेकेदारी में ‘रिंग’ बनाकर चुनिंदा ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया गया। आरोपों के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की प्रतिक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोपों का तथ्यात्मक जवाब देने के बजाय भाजपा नेतृत्व के विषयांतर को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस ने तीखा प्रहार किया है।आवारा कुत्तों की नसबंदी में भी भ्रष्टाचारपार्टी के शहर अध्यक्ष योगेश बहल ने कहा कि इतने गंभीर और आंकड़ों के साथ लगाए गए आरोपों के एक बिंदु का भी तथ्यात्मक खंडन नहीं किया गया। इसके बजाय पुराने मामलों और राजनीतिक बयानबाजी का सहारा लिया जा रहा है। स्पष्ट संकेत है कि भाजपा के पास जवाब नहीं है। बहल के अनुसार मनपा में सड़क खुदाई, कचरा प्रबंधन, फुटपाथ विकास, स्मार्ट सिटी योजनाओं से लेकर आवारा कुत्तों की नसबंदी जैसे कार्यों में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। बावजूद इसके भाजपा नेतृत्व सवालों पर चुप है। उनका कहना है कि मामला केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे जनता के धन और शहर के भविष्य से जुड़ा है। इसलिए जनता को यह जानने का अधिकार है कि हजारों करोड़ रुपए के बजट और जमा-पूंजी का उपयोग कहां और कैसे किया गया। बहरहाल, मनपा चुनाव की पृष्ठभूमि में भ्रष्टाचार का मुद्दा शहर की राजनीति का केंद्र बनता जा रहा है।


Source: Dainik Bhaskar January 06, 2026 10:19 UTC



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