Pune City News: ‘पुणे में व्यंग्य की धार और रंगों की ताकत: ‘दस का दम’ कार्टून प्रदर्शनी का शुभारंभ - News Summed Up

Pune City News: ‘पुणे में व्यंग्य की धार और रंगों की ताकत: ‘दस का दम’ कार्टून प्रदर्शनी का शुभारंभ


भास्कर न्यूज, पुणे। पुणे के बालगंधर्व कला दालन में रविवार को ‘दस का दम’ शीर्षक से व्यंग्य चित्र, हास्य चित्र और अर्क चित्र प्रदर्शनी शुरू हुई। यह प्रदर्शनी महाराष्ट्र व्यंग्य चित्रकार समूह ‘कार्टून्स कट्टा’ द्वारा आयोजित की गई है, जिसमें राज्य के दस नामी कलाकार अपने-अपने विशिष्ट विषयों के माध्यम से कला की विविध शैलियों को प्रस्तुत कर रहे हैं। प्रदर्शनी का उद्घाटन प्रसिद्ध क्रीडा समीक्षक सुनंदन लेले ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ चित्रकार व शिल्पकार प्रमोद कांबले, लेखक-अभिनेता-निर्देशक मिलिंद शिंदे, छाया चित्रकार व फिल्म मेकर स्वप्ना पाटस्कर तथा विशेष अतिथि के रूप में प्रसिद्ध मराठी अभिनेता, लेखक और नाटककार डॉ. गिरीश ओक उपस्थित रहे। उद्घाटन अवसर पर सहभागी व्यंग्य चित्रकारों का सम्मान भी किया गया।- 200 से अधिक चित्र, दस कलाकार-दस दृष्टिकोणप्रदर्शनी में महाराष्ट्र के दस चित्रकारों द्वारा साकार किए गए करीब 200 व्यंग्य चित्र, हास्य चित्र और अर्क चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। हर कलाकार की चित्र शैली, रंगों का प्रयोग और विषयवस्तु अलग-अलग है, जिससे दर्शकों को समकालीन सामाजिक, राजनीतिक और मानवीय मुद्दों पर विविध दृष्टिकोण देखने को मिलते हैं। इस प्रदर्शनी में विनय चाणेकर (नागपुर), धनश्याम देशमुख (पुणे), संजय मोरे (नागपुर), उमेश चारोले (नागपुर), दिनेश धनगव्हाल (धुलिया), देव खरे (मुंबई), विवेक मगर (पुणे), शुभम जिंदे (पुणे), मंगेश खोल्लम (पुणे) और आदित्य पराड़कर (पुणे) सहभागी हैं।- कार्यशालाएं, परिसंवाद और प्रात्यक्षिक4 से 6 जनवरी तक चलने वाली इस प्रदर्शन के दौरान कला विद्यार्थियों और बच्चों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। 5 से 14 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों को चित्रकला का साहित्य उपलब्ध कराकर मार्गदर्शन दिया जाएगा और सहभागिता प्रमाण-पत्र देकर उनका सम्मान किया जाएगा। इसके अलावा बदलती चित्र शैली पर परिसंवाद, व्यंग्यचित्र, अर्कचित्र और इलस्ट्रेशन पर लाइव प्रात्यक्षिक व मार्गदर्शन सत्र भी होंगे।- वरिष्ठ व्यंग्यचित्रकार विनय चाणेकर की खास पहचाननागपुर के वरिष्ठ व्यंग्य चित्रकार विनय चाणेकर इस प्रदर्शन के प्रमुख आकर्षणों में से एक हैं। वे पिछले चार दशकों से व्यंग्य चित्र, चित्रण और ग्राफिक डिजाइन के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में दैनिक भास्कर, नागपुर में पिछले 23 वर्षों से ग्राफिक्स एडिटर व संपादकीय व्यंग्य चित्रकार के रूप में कार्यरत हैं। न्यूनतम शब्दों में प्रभावी और तीखे आशय को व्यक्त करना उनकी खास पहचान है। उनके सामाजिक-राजनीतिक व्यंग्य को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं, जिनमें ‘सर्वोत्कृष्ट संपादकीय व्यंग्यचित्रकार’ पुरस्कार भी शामिल है।व्यंग्य चित्र केवल हंसाने का माध्यम नहीं, बल्कि समय के सच को आईना दिखाने की ताकत रखता है। कम शब्दों में गहरी बात कहना ही व्यंग्य की असली शक्ति है।- विनय चाणेकर, व्यंग्य चित्रकारआज की युवा पीढ़ी डिजिटल पेंटिंग और एआई जैसी नई तकनीकों की ओर तेजी से बढ़ रही है, जो निःसंदेह अच्छी बात है। लेकिन रेखा, रंग और मूलभूत चित्रकला को समझना उतना ही जरूरी है, क्योंकि वहीं से कलाकार की दृष्टि और सोच विकसित होती है। ‘दस का दम’ के जरिए हम नई पीढ़ी को यह संदेश देना चाहते हैं कि तकनीक के साथ-साथ कला की बुनियादी समझ को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।घनश्याम देशमुख, संयोजक ‘कार्टून्स कट्टा’- सभी के लिए निःशुल्कयह प्रदर्शनी 6 जनवरी तक रोजाना सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक बालगंधर्व कला दालन, पुणे में सभी के लिए निःशुल्क खुली रहेगी। कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और आम दर्शकों के लिए यह प्रदर्शनी व्यंग्य और रचनात्मकता का अनोखा संगम साबित हो रही है।


Source: Dainik Bhaskar January 05, 2026 09:42 UTC



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