RAS भर्ती 2018 में युवाओं का परचम: लगन और कड़ी मेहनत के बूते प्रतिभाओं ने किया कमाल, कोई पहले तो कोई दूसरे प्रयास में बना RAS - News Summed Up

RAS भर्ती 2018 में युवाओं का परचम: लगन और कड़ी मेहनत के बूते प्रतिभाओं ने किया कमाल, कोई पहले तो कोई दूसरे प्रयास में बना RAS


Hindi NewsLocalRajasthanJaipurDausaTalents Did Wonders Due To Dedication And Hard Work, Some First Made RAS In Second AttemptRAS भर्ती 2018 में युवाओं का परचम: लगन और कड़ी मेहनत के बूते प्रतिभाओं ने किया कमाल, कोई पहले तो कोई दूसरे प्रयास में बना RASदौसा 11 घंटे पहलेकॉपी लिंकRAS में चयनित युवाकुछ तो वस्फ (खूबी) होता है दिमागों में दिलों में, यूं ही कोई सुकरात सिकंदर नहीं होता...। इन शब्दों को दौसा जिले युवाओं ने चरितार्थ कर दिया है। मंगलवार को जारी राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा (आरपीएससी) के आरएएस भर्ती 2018 के परिणाम में कई युवा प्रतिभागियों ने पहले प्रयास में ही सफलता का मुकाम हासिल किया है।बांदीकुई क्षेत्र के पीचूपाडा निवासी संतोष गुर्जर ने राजस्थान लोक सेवा आयोग की आरएएस भर्ती 2018 में 297 रैंक प्राप्त कर नाम रोशन किया है। इन्होंने एमबीसी कैटेगिरी में 15वीं तथा फीमेल में चौथी रैंक हासिल की है। 2019 में आईआईएम इंदौर में सिलेक्शन होने के बाद 2020 में महिला बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर भर्ती में चयनित होकर भरतपुर जिले के बयाना में बतौर महिला सुपरवाइजर पोस्टेड थीं। इनके पिता बाबूलाल गुर्जर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भावता-भावती में प्रधानचार्य हैं।RAS में चयनित संतोष गुर्जरसंतोष का कहना है कि किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए कड़ी मेहनत करना जरूरी है। जब तक हम अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर होकर लगन से मेहनत नहीं करेंगे। तब तक सफलता की उम्मीद करना भी बेईमानी है। लगन और मेहनत के बूते कोई भी मुकाम आसानी से हासिल किया जा सकता है। संतोष की इस उपलब्धि पर परिजनों ने मिठाई खिलाकर उसे शुभकामनाएं दीं।पहले ही प्रयास में मिली सफलतामंडावर क्षेत्र के खेड़ली नारायण सिंह गांव निवासी दिलीप कुमार मीना का आरएएस में चयन हुआ है। उन्होंने जनरल केटेगरी में 289 व एसटी वर्ग में 9वी रैंक प्राप्त की है। दिलीप ने पहले प्रयास में ही आरएएस की परीक्षा पास की है। दिलीप के पिता रामस्वरूप मीणा किसान हैं तो उनकी मां उगंती देवी गृहणी हैं। दिलीप के खेड़ली नारायण सिंह गांव में पहले आरएएस अधिकारी बनने पर ग्रामीणों में खुशी है।दिलीप ने बताया कि उन्हें आरएसएस बनने की प्रेरणा आरएएस अधिकारी डॉ. सुरेश मीना व आईआरएस डॉ. राजेश मीना से मिली। इसके बाद अथक परिश्रम करते हुए सफलता प्राप्त कर गांव का नाम रोशन किया है।दिलीप मीणादिलीप की दिनचर्या की बात करें तो सिर्फ इन्होंने पढ़ाई को ही प्राथमिकता दी। प्लान बनाकर उसे पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की। एग्जाम से पहले दिल्ली में कोचिंग शुरू कर दी थी। जहां सेल्फ स्टडी और कोचिंग के सहारे पहले प्रयास में प्रशासनिक सेवा में अपनी जगह बनाई। दिलीप का कहना है कि मुकाम पाने के लिए किताबी कीड़ा बनना जरूरी नहीं, लक्ष्य निर्धारण करके ईमानदारी के साथ उसका अनुसरण करना ही काफी है।देशराज गुर्जरदेश सेवा के बाद अब समाज सेवाभारतीय वायु सेना के माध्यम से देश सेवा करने के बाद सिकराय क्षेत्र के पीपलकी गांव निवासी देशराज गुर्जर का आरएएस भर्ती 2018 में चयन हुआ है। देशराज का कहना है कि सफलता का कोई शॉर्ट कट नहीं होता है, लेकिन जब लगन कुछ कर गुजरने की हो तो लक्ष्य अपने आप छोटा हो जाता है। उनकी कामयाबी में करीब 12 घंटे पढ़ाई के साथ व्हाट्सएप पर दोस्तों संग विषय पर चैटिंग और नोट्स शेयरिंग भी बड़ी वजह है।मुकेश कुमार मीणापुलिसकर्मी का भी चयनआरएएस भर्ती 2018 में सिकराय के नांदरी गांव के मुकेश कुमार मीणा पुत्र धर्म सिंह मीणा ने सामान्य में 961 व एसटी में 34वी रेंक प्राप्त की है। मुकेश वर्तमान में राजस्थान पुलिस में बतौर सब इंस्पेक्टर जयपुर में पोस्टेड है। इन्होंने पुलिस की नौकरी के बावजूद आरएएस की तैयारी के लिए टाइम मैनेजमेंट कर सफलता हासिल की है।इनका भी हुआ चयनइसी प्रकार महवा क्षेत्र के ओण्ड मीणा गांव निवासी अभय कुमार मीणा, सिकंदरा के बासड़ा निवासी मनस्वी गुर्जर, महुवा के उंकरून्द निवासी मनीष मीणा व सिकराय तहसील के नांदरी निवासी मुकेश कुमार मीणा का भी आरएएस 2018 में चयन हुआ है।अभय कुमार मीणा


Source: Dainik Bhaskar July 14, 2021 07:02 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */