Ration Card Portability: क्या है राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी, जानिए इसे कैसे करवाएं और क्या हैं इसके फायदे! - News Summed Up

Ration Card Portability: क्या है राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी, जानिए इसे कैसे करवाएं और क्या हैं इसके फायदे!


पीडीएस दुकान से होगी राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी के लिए पीडीएस दुकानों पर जाना होगा। वहां पर एक इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल डिवाइस से वेरिफिकेशन किया जाता है। वेरिफिकेशन के लिए आपके पास अपना राशन कार्ड तो होने ही चाहिए, साथ ही आपका आधार कार्ड भी जरूरी है। आधार नंबर के जरिए ही आपका वेरिफिकेशन किया जाता है। तो अगर आप भी किसी दूसरे राज्य में हैं और राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी का फायदा उठाना चाहते हैं तो पीडीएस दुकान पर पहुंच जाइए।वन नेशन-वन राशन कार्ड का यही है फायदा राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी से फायदा ये होगा कि आपका राशन कार्ड नहीं बदलेगा, जबकि आपको उसी कार्ड पर दूसरे राज्य में भी राशन मिलने लगेगा। वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना शामिल 23 राज्यों के राशनकार्ड धारक इन राज्यों में अपने राशन कार्ड को पोर्ट करवा सकते हैं। कई बार ये सुनने में आता था कि अगर कोई राशन कार्ड किसी दूसरे डीलर से राशन लेगा तो पहले वाले के यहां से उसका नाम काट दिया जाएगा। इसी वजह से वन नेशन-वन राशन कार्ड स्कीम शुरू की गई, ताकि कार्डधारक पूरे देश में कहीं से भी अपनी सुविधा से राशन ले सके।कितने तरह के होते हैं राशन कार्ड? आम तौर पर राशन कार्ड तीन तरह के होते हैं, लेकिन अलग-अलग राज्यों में इनकी संख्या अधिक भी हो सकती है। 1- गरीबी रेखा से ऊपर का यानी एपीएल राशन कार्ड 2- गरीबी रेखा से नीचे का यानी बीपीएल राशन कार्ड 3- अंत्योदय राशन कार्ड इन राशन कार्ड पर अलग-अलग मात्रा में और अलग-अलग दाम पर राशन मिलता है। इनके अलावा भी राज्य कुछ अतिरिक्त कार्ड जारी कर सकते हैं। जैसे दिल्ली में टेंपरेरी राशन कार्ड है, जो कोरोना काल में लोगों की मदद के लिए शुरू किया गया है।1- गरीबी रेखा से ऊपर का यानी एपीएल राशन कार्ड गरीबी रेखा से ऊपर का यानी एपीएल राशन कार्ड उन परिवारों को दिया जाता है, जिनकी सालाना आय एक तय गरीबी रेखी से अधिक होती है। दिल्ली में यह करीब 1 लाख रुपये है। यानी 1 लाख रुपये से ऊपर की आय वालों को यह कार्ड मिलेगा। फिलहाल इसे पीआर कार्ड कहा जाता है। इस कार्ड पर अलग-अलग राज्य सरकारें अलग-अलग दाम पर राशन देती हैं और साथ ही उनकी मात्री भी अलग-अलग हो सकती है। जैसे दिल्ली में इस कार्ड पर प्रति व्यक्ति 4 किलो गेहूं 2 रुपये की दर से और 1 किलो चावल 3 रुपये की दर से दिया जाता है। वहीं उत्तराखंड में एक एपीएल कार्ड पर हर महीने 8.60 रुपये की दर से 5 किलो गेहूं और 11 रुपये की दर से 2.5 किलो चावल दिया जाता है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कार्ड पर एक सदस्य है या 10 हैं।2- गरीबी रेखा से नीचे का यानी बीपीएल राशन कार्ड गरीबी रेखा से नीचे जीवन बिताने वाले लोगों को बीपीएल राशन कार्ड दिया जाता है। अधिकतर राज्यों में इसे प्राइओरिटी हाउसहोल्ड राशन कार्ड में बदल दिया गया है। पहले बीपीएल राशन कार्ड पर प्रति कार्ड के हिसाब से राशन दिया जाता था, लेकिन अब प्रति सदस्य के हिसाब से राशन दिया जाता है। दिल्ली के सिटीजन चार्टर 2017 http://web.delhi.gov.in/wps/wcm/connect/DOIT_Food/Food/Home/Citizen+Charter/ के अनुसार इस कार्ड पर 2 रुपये के भाव से 4 किलो गेहूं और 3 रुपये के भाव से 1 किलो चावल प्रति सदस्य दिया जाता है। यानी एक सदस्य को 5 किलो राशन, वो भी सस्ते दाम पर। कार्ड पर जितने अधिक सदस्य होंगे, राशन उतना ही बढ़ा जाएगा। जैसे अगर किसी राशन कार्ड पर 5 सदस्य हैं तो उसे कुल 25 किलो राशन मिलेगा, जिसमें 20 किलो गेंहू और 5 किलो चावल होगा।3- अंत्योदय राशन कार्ड अंत्योदय स्कीम की शुरुआत भारत सरकार की तरफ से हुई है, जिसे हर राज्य में लागू किया गया है। दिल्ली में भी इस स्कीम के तहत राशन कार्ड बनते हैं। अंत्योदय राशन कार्ड ऐसे लोगों के लिए बनाया जाता है, जो आर्थिक रूप से बहुत अधिक कमजोर हैं और बहुत ही कम पैसे कमा पाते हैं। जैसे विकलांग, बेहद कम कमाई वाले अति वरिष्ठ लोग, अकेले बुजुर्ग या अकेली विधवा आदि। दिल्ली के सिटीजन चार्टर 2017 इस कार्ड पर 2 रुपये प्रति किलो के भाव से 25 किलो गेंहूं और 3 रुपये के भाव से 10 किलो चावल हर महीने मुहैया कराया जाता है। इसके अलावा इस पर 13.5 रुपये में 1 किलो चीनी भी मिलती है।दिल्ली में मिलता है टेंपरेरी कूपन भी इन कार्ड के अलावा दिल्ली में कोरोना काल में लगे लॉकडाउन के दौरान एक टेंपरेरी राशन कूपन भी जारी किया था, जिससे उन लोगों को भी सस्ता राशन मिल सके, जिनके पास कार्ड नहीं हैं। ऐसे बहुत से लोग हैं, जो दिल्ली में सिर्फ नौकरी करने के लिए जाते हैं, उन्हें इसका फायदा मिला। हालांकि, यह टेंपरेरी यानी अस्थाई है, जो कुछ समय बाद बंद हो जाता है। यानी सिर्फ लॉकडाउन के दौरान ही दिल्ली सरकार लोगों की मदद के लिए इसे शुरू करती है।


Source: Navbharat Times June 29, 2021 10:07 UTC



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