रीवा: संजय गांधी चिकित्सालय रीवा में मॉडुलर ऑपरेशन थियेटर निर्माण को लेकर 7 माह का समय बीत गया। एजेंसी द्वारा इसका निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं किया गया। जबकि ऑपरेशन थियेटर निर्माण के लिए 50 लाख रुपये का भुगतान एजेंसी द्वारा ले लिया गया है। ऑपरेशन थियेटर न होने से गंभीर सर्जरी अस्थि रोग विभाग के चिकित्सक सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल में कर रहे हैं। सुपर स्पेशलिटी की तरह संजय गांधी अस्पताल को भी सुविधा युक्त बनाये जाने का प्रयास जारी है। गंभीर ऑपरेशन करने के लिये संजय गांधी में अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर नहीं था। यह बात पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ल तक पहुंचाई गई उन्होंने कहा कि संजय गांधी में मॉडुलर ओटी बनाई जाएगी। इसके लिए सीएसआर मद से उन्होंने राशि उपलब्ध कराई जिसके लिए टेण्डर किया गया। पीआईयू द्वारा इसका निर्माण किया जा रहा है। इसकी देखरेख अस्पताल प्रशासन कर रहा है। बताया गया है कि 80 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, 20 फीसदी अभी बाकी है।दो से ढाई सौ मरीजों की ओपीडीसंजय गांधी अस्पताल के ओपीडी में अस्थि रोग विभाग में प्रतिदिन 200 से 250 मरीज प्रतिदिन आते हैं। जिनके घुटने, कूल्हा, रीढ़ की हड्डी, कंधे आदि में तकलीफ रहती है। इसके अलावा रोज होने वाले दुर्घटनाओं में फैक्चर मरीज भी आते हैं। आठ से दस मरीजों की रोज भर्ती होती है जिनका इलाज वार्ड में किया जाता है। इनमें से कईयों का ऑपरेशन भी होता है।इन बीमारियों का होगा ऑपरेशनसंजय गांधी अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर बना हुआ है, लेकिन कुछ ऐसी बीमारियां हैं जिसके लिये मॉडुलर ऑपरेशन थियेटर की आवश्यकता है। वर्तमान में इस अस्पताल के चिकित्सक घुटना प्रत्यारोपण, कूल्हा प्रत्यारोपण, रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन, कंधा प्रत्यारोपण करने की ट्रेनिंग ले चुके हैं। इन सभी मर्जी का इलाज भी होता है। आये दिन घुटना प्रत्यारोपण और कूल्हा प्रत्यारोपण किया जा रहा है जिसके लिए सुपर स्पेशलिटी की ओटी उपयोग में आ रही है। बताया गया है कि दूरबीन पद्धति से लीगामेन्ट रिपेयर भी इस मॉडुलर ऑपरेशन थियेटर में किया जा सकता है।
Source: Dainik Bhaskar May 11, 2023 17:47 UTC