घरौंडा अस्पताल से डॉक्टर को धक्का देकर बाहर लेकर आते पुलिसकर्मियों की वीडियो।हरियाणा के करनाल जिले के मेडिकल ऑफिसर के साथ पुलिस ने जमकर बदसूलकी की। आरोप है कि थाना प्रभारी कई पुलिस कर्मियों के साथ घरौंडा सरकारी अस्पताल पहुंचे और यहां अपने स्टाफ के साथ मौजूद मेडिकल ऑफिसर को धकियाते हुए अस्पताल से बाहर ले आए।. आरोप है कि पुलिस ने डॉक्टर प्रशांत को कई थप्पड़ जड़े और कॉलर से पकड़ कर पुलिस जीप में धकेला। इसके बाद उन्हें थाने ले गए। उधर, इस अभद्र व्यवहार से गुस्साए अस्पताल स्टाफ वर्क सस्पेंड करने का ऐलान करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस कर्मी डॉक्टरों को धक्का देते हुए नजर आ रहे है। उधर, इस मामले में पुलिस का कहना है कि डॉक्टर ने एसएचओ के साथ गाली गलौज की थी। इसकी डॉक्टर ने लिखित में माफी भी मांगी है।अब मामले में मेडिकल एसोसिएशन पीड़ित मेडिकल ऑफिसर के समर्थन में उतर आई है। एसोसिएशन ने जिले में हड़ताल का ऐलान कर दिया है। उन्होंने थाना प्रभारी और अन्य पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार करने सस्पेंड करने की मांग की है। उधर, गुरुवार को करनाल में मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक के साथ बैठक कर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कराने की मांग की।डॉक्टर को धक्का देकर पुलिस की गाड़ी की तरफ लेकर जाते पुलिस कर्मी।यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए क्या है पूरा मामला…एमएलसी के लिए आए मरीजों से शुरू हुआ विवाद : घरौंडा अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ शालू मखीजा, स्टाफ सदस्य सोनू, जोनी, साहिल आदि ने बताया कि अस्पताल में कुछ मरीज मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) के लिए आए थे। उन मरीजों ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर डॉक्टर प्रशांत के साथ गलत व्यवहार किया। स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर ने पुलिस को फोन कर सहायता मांगी।घरौंडा अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ शालू मखीजा, स्टाफ सदस्य सोनू, जोनी, साहिल आदि ने बताया कि अस्पताल में कुछ मरीज मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) के लिए आए थे। उन मरीजों ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर डॉक्टर प्रशांत के साथ गलत व्यवहार किया। स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर ने पुलिस को फोन कर सहायता मांगी। पुलिस बोलीं- हम तुम्हारे लिए ही थोड़े बैठे हैं : स्टाफ के अनुसार, फोन पर डॉक्टर और पुलिस के बीच बातचीत हुई। इस दौरान पुलिस की तरफ से कहा गया कि “हम तुम्हारे लिए ही थोड़े बैठे हैं”। स्टाफ ने आगे बताया कि उनके सामने डॉक्टर और पुलिस के बीच कोई गाली-गलौच नहीं हुई। मगर, इसके बाद थाना प्रभारी अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंच गए।स्टाफ के अनुसार, फोन पर डॉक्टर और पुलिस के बीच बातचीत हुई। इस दौरान पुलिस की तरफ से कहा गया कि “हम तुम्हारे लिए ही थोड़े बैठे हैं”। स्टाफ ने आगे बताया कि उनके सामने डॉक्टर और पुलिस के बीच कोई गाली-गलौच नहीं हुई। मगर, इसके बाद थाना प्रभारी अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंच गए। कॉलर पकड़ने और थप्पड़ मारने का आरोप : अस्पताल कर्मियों का आरोप है कि थाना प्रभारी दीपक कुमार ने अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टर प्रशांत को बुलाने के लिए कहा। जैसे ही डॉक्टर सामने आए, एसएचओ ने उनका कॉलर पकड़ लिया और उन्हें गाड़ी की ओर ले गए। स्टाफ का कहना है कि डॉक्टर को थप्पड़ भी मारा गया।अस्पताल कर्मियों का आरोप है कि थाना प्रभारी दीपक कुमार ने अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टर प्रशांत को बुलाने के लिए कहा। जैसे ही डॉक्टर सामने आए, एसएचओ ने उनका कॉलर पकड़ लिया और उन्हें गाड़ी की ओर ले गए। स्टाफ का कहना है कि डॉक्टर को थप्पड़ भी मारा गया। पुलिसकर्मियों ने अस्पताल कर्मियों से भी बदतमीजी की : अस्पताल कर्मियों का आरोप है कि जब उन्होंने पुलिसकर्मियों को रोकने की कोशिश की तो उनके साथ भी बदतमीजी की। कर्मचारियों ने आरोप लगाया गया कि पुलिस कर्मी शराब के नशे में थे। उन्होंने आते डॉक्टर के साथ गाली गलौज की। उन्होंने मांग की कि संबंधित पुलिसकर्मियों का भी मेडिकल कराया जाए।अस्पताल कर्मियों का आरोप है कि जब उन्होंने पुलिसकर्मियों को रोकने की कोशिश की तो उनके साथ भी बदतमीजी की। कर्मचारियों ने आरोप लगाया गया कि पुलिस कर्मी शराब के नशे में थे। उन्होंने आते डॉक्टर के साथ गाली गलौज की। उन्होंने मांग की कि संबंधित पुलिसकर्मियों का भी मेडिकल कराया जाए। घटना का भी वीडियो आया सामने : उधर, इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में थाना प्रभारी दीपक कुमार डॉक्टर प्रशांत को गाड़ी में बैठाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। साथ ही वे कहते सुनाई दे रहे हैं कि “तेरी गाली खाने के लिए बैठे हैं क्या हम”। वीडियो में डॉक्टर गाड़ी में बैठने से मना करते नजर आते हैं, लेकिन बाद में उन्हें जबरन बैठाया जाता है। इसके बाद पुलिस उन्हें अपने साथ ले जाती है।डॉक्टर के साथ हुई मारपीट के बाद अस्पताल में हंगामा करते डॉक्टर।डॉक्टर एसोसिएशन ने जिले में हड़ताल का ऐलान किया फिलहाल, पूरे मामले को लेकर अस्पताल स्टाफ और पुलिस आमने-सामने हैं। उधर, स्टाफ ने चेतावनी दी कि जब तक पुलिस पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक अस्पताल में किसी का इलाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने न्याय मिलने तक विरोध जारी रखने की बात कही।सरकारी डॉक्टर के साथ हुई घटना के बाद डॉक्टर एसोसिएशन पीड़ित मेडिकल ऑफिसर के समर्थन में उतर आई है । एसोसिएशन ने जिले में हड़ताल का ऐलान कर दिया है। उन्होंने थाना प्रभारी और अन्य पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार करने सस्पेंड करने की मांग की है ।डिप्टी सिविल सर्जन ने ली जानकारी डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. मुनेश गोयल ने बताया कि डॉक्टर प्रशांत के साथ बदसलूकी का मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। मामले की जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर पुलिस के व्यवहार को लेकर पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत भेजी जाएगी।घरौंडा के सरकारी अस्पताल में धरना देकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे डॉक्टर। एसएचओ दीपक कुमार द्वारा धक्का देने के मामले में हड़त
Source: Dainik Bhaskar March 05, 2026 07:02 UTC