Sawan Somvar 2021 : सावन का पहला सोमवार आज, आयुष्मान योग में करें महादेव की भव्य पूजन-अर्चना - News Summed Up

Sawan Somvar 2021 : सावन का पहला सोमवार आज, आयुष्मान योग में करें महादेव की भव्य पूजन-अर्चना


सावन की शुरुआत श्रवण नक्षत्र और आयुष्मान योग से हुई। मान्यता है कि इस महीने में भगवान विष्णु पाताल लोक में रहते हैं। इसी वजह से इस महीने भगवान शिव ही पालनकर्ता होते हैं। सावन के महीने में त्रिदेवों की सारी शक्तियां भगवान शिव के पास ही होती हैं। आपको कुछ ऐसे काम बताते हैं, जिन्हें सावन में करने से भगवान शिव प्रसन्न हो जाते हैं।सावन माह में यह पर्व विशेष फलदायीज्योतिषाचार्यों के मुताबिक आयुष्मान योग के प्रभाव से कोरोना संक्रमण की तीव्रता काफी हद तक कम होगी। सावन माह में चार सोमवार, दो प्रदोष और महीने की शिवरात्रि का विशेष पर्व के रूप में फलदायी होगा। भोले शंकर की अर्चना, महामृत्युंजय अनुष्ठान, रुद्राभिषेक, शिवपुराण सहित अन्य अनुष्ठान होंगे। सभी धर्म स्थलों, नदियों व द्वादश ज्योतिर्लिंगों पर विशेष अनुष्ठान होंगे। रक्षा बंधन के साथ ही सावन के अनुष्ठान खत्म हो जाएंगे।सावन में भगवान शिव की पूजा में जरूर शामिल करें यह चीजरोगों से दिलाएगा मुक्तिमहादेव के प्रिय सावन मास का आगाज रविवार को श्रवण नक्षत्र से हुआ। आज दोपहर बाद 3:27 बजे तक आयुष्मान योग लगा है। यह योग रोगों से छुटकारा दिलवाने के साथ ही भक्तों को लंबी आयु प्रदान करने वाला माना जाता है। सावन का समापन 22 अगस्त को धनिष्ठा नक्षत्र में होगा, इसी दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा।आधी परिक्रमा करना ही शुभशिवलिंग से दक्षिण दिशा में ही बैठकर पूजन करने से मनोकामना पूर्ण होती है। शिवलिंग पूजा में दक्षिण दिशा में बैठकर भक्त को भस्म का त्रिपुण्ड लगाना चाहिए। रुद्राक्ष की माला पहननी चाहिए और बिना कटे-फटे हुए बेलपत्र अर्पित करने चाहिए। शिवलिंग की कभी पूरी परिक्रमा नहीं करनी चाहिए। आधी परिक्रमा करना ही शुभ होती है।शिव पूजा का वैज्ञानिक कारणशिव ब्रह्मांड की शक्ति के द्योतक हैं। शिवलिंग काले पत्थर का ही होता है, जो वातावरण और ब्रह्मांड से ऊर्जा अवशोषित करता रहता है। इस ऊर्जा को पूर्ण रूप से शिवलिंग में समाहित करने के लिए इसे साफ-सुथरा रखने और जल, दूध आदि से अभिषेक करने की प्रथा शुरू हुई। इससे पूजा अर्चना के समय आप को उपयुक्त ऊर्जा प्राप्त हो और प्रदूषित ऊर्जा समाप्त हो जाए।महंगे हुए काशी विश्‍वनाथ के दर्शन और पूजा, जानिए क्या हैं नई कीमतेंसावन माह के प्रमुख पर्व :26 जुलाई : पहला सोमवार27 जुलाई : गणेश चतुर्थी व मंगलागौरी व्रत28 जुलाई : मौना पंचमी व मधुश्रवा तीज30 जुलाई : शीतलाष्टमी31 जुलाई : कालाष्टमी2 अगस्त : दूसरा सोमवार4 अगस्त : कामदा एकादशी5 अगस्त : प्रदोष6 अगस्त : शिव चतुर्दशी8 अगस्त : हरियाली अमावस्या9 अगस्त : तीसरा सोमवार10 अगस्त : मंगला गौरी व्रत11 अगस्त : मधुश्रवा तीज12 अगस्त : दूर्वा गणपति व्रत13 अगस्त : नागपंचमी15 अगस्त : इंद्र सप्तमी16 अगस्त : चौथा सोमवार17 अगस्त : सिंह की सूर्य संक्रांति18 अगस्त : पुत्रदा एकादशी20 अगस्त : प्रदोष व्रत22 अगस्त : रक्षा बंधन


Source: Navbharat Times July 26, 2021 04:57 UTC



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